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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में एबीजी जांच नहीं, गंभीर मरीज परेशान

Tue, 18 Jun 2024 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 18 Jun 2024 01:50 AM IST
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abg janch not avialable
जांच न होने से मरीज कर दिए जा रहे रेफर
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में एबीजी जांच की सुविधा नहीं है। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में दिक्कत हो रही है। उन्हें समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। हर रोज करीब बीस से तीस मरीजों को हायर सेंटर भेजना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी व निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में तीन साल से अधिक समय बीत गया, पर यहां एबीजी जांच शुरू नहीं हो सकी है। अस्पताल में हर रोज करीब 2500 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं, इमरजेंसी में 24 घंटे में डेढ़ से दो सौ मरीज आते हैं। गर्मी और अधिक ठंड के मौसम में संख्या बढ़ भी जाती है।
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यहां पैथाेलाॅजी जांच की सुविधा है। इसकी रिपोर्ट सैंपल देने के अगले दिन रिपोर्ट आती है। इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीजों की हालत गंभीर होने पर एबीजी (आरटियल ब्लड गैस एनालसिस) जांच की आवश्यकता होती है। इससे ब्लड में आक्सीजन, कार्बन डाईआक्साइड सहित अन्य कमियों की जानकारी पांच मिनट में हो जाती है। इससे इलाज करने में आसानी होती है। जबकि पैथाेलाॅजी में जांच कराने पर रिपोर्ट देर से आने पर इलाज संभव नहीं हो पाता है। इसके चलते गंभीर मरीजों का इलाज संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में रेफर करना पड़ता है।
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पांच मिनट के अंदर मिलती है रिपोर्ट
एबीजी मशीन छोटी होती है। यह रियल टाइम ब्लड जांच होती है। गंभीर मरीज के ब्लड का सैंपल लेने के बाद तत्काल उसे जांच के लिए लगाया जाता है। करीब एक एमएल ब्लड से तीन से पांच मिनट में ही करीब बारह जांच की रिपोर्ट मिल जाती है। इससे किस चीज की कमी है, उसका पता आसानी से चल जाता है। इससे इलाज करने में सहूलियत होती है।

एबीजी जांच में इसका चलता है पता
एबीजी जांच में ब्लड से संबंधित कमियों की जानकारी होती है। इस जांच में ऑक्सीजन, कार्बन डाईआक्साइड, सोडियम, पोटैशियम, हीमोग्लोबीन, क्लोराइड, शुगर, पीएच, सोडियम व क्लोराइड के बीच का गैप, बायो कार्बोनेट, रासायनिक परिवर्तन सहित करीब 12 तरह की जांच की रिपोर्ट में जानकारी होती है।


अस्पताल में एबीजी जांच शुरू करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह जांच सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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