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Deoria News: इंसाफ की आस में विधवा की सिसकियां, मासूमों के परवरिश की सता रही चिंता

Thu, 19 Mar 2026 03:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 03:10 AM IST
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A widow sobs in the hope of justice, worried about the upbringing of the innocent.
शिक्षक आत्महत्या मामला : शासन व प्रशासन की तरफ नहीं मिली मदद
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25 हजार नहीं पांच लाख होना चाहिए इनाम, नौकरी व आर्थिक सहयोग की मांग
पडरौना। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले को 26 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार के लिए न्याय की डगर अब भी कोसों दूर नजर आ रही है। अब तक मामले में पुलिस न आरोपियों को पकड़ सकी है और न ही शासन व प्रशासन की तरफ से कोई सहयोग मिला है। घटना के बाद से ही न्याय और सहयोग की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठीं शिक्षक कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया देवी की आंखों का पानी अब सूखने लगा है। एक तरफ पति के खोने का गम है तो दूसरी तरफ मासूमों के परवरिश की चिंता सता रही है।
बुधवार को मृतक कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया
ने व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पति ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की, यह छिपा नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन सुस्त है। विधवा का कहना है कि, पति के जाने के बाद घर का सहारा छिन गया है। छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर अंधेरा छाया हुआ है। हर चौखट पर न्याय की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा।
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बातचीत में गुड़िया ने बताया कि पति की मौत के 26 दिन का लंबा समय बीत गया है। इसके बावजूद अब तक इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी या ठोस आर्थिक सहयोग नहीं किया गया है। पीड़ा बयां करते हुए कहतीं हैं कि मुझे अब सिर्फ न्याय की दरकार है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सहयोग की भी सख्त जरूरत है।
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वहीं, मृतक के बड़े भाई अवधेश सिंह व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि न्याय व सहयोग के लिए शासन व प्रशासन से बड़ी उम्मीद थी लेकिन घटना के लंबे समय बीत जाने के बाद भी कोई सहयोग व मदद नहीं मिल पाई है। उनका आरोप है कि प्रशासन की संवेदनहीनता ने भाई की मौत के दुख को और बढ़ा दिया है।
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नौकरी व आर्थिक सहयोग की मांग
मृतक के बड़े भाई अवधेश मामले में उच्चस्तरीय टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। वह गुड़िया को सरकारी नौकरी व एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहयोग करने की मांग कर रहे हैं।
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मामले में आरोपी पुलिस से दूर
कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। बीते 21 फरवरी की सुबह उन्होंने गोरखपुर के गुलरिहा स्थित आवास पर फंदे पर लटकर जान दे दी थी। सुसाइड से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। मामले में आरोपियों की तलाश में पुलिस ने चार टीमें देवरिया, बलिया,लखनऊ और प्रयागराज में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ से आरोपी दूर हैं।
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25 हजार नहीं पांच लाख का होना चाहिए इनाम घोषित
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में पहले एसएसपी ने आरोपियों की सूचना देने पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब इस राशि को 25-25 हजार रुपये तक बढ़ा दी गई है, लेकिन मृतक के भाई अवधेश सिंह ने कहा कि जो आरोपी 48 लाख रुपये लिए हैं, उनके लिए पांच लाख रुपये इनाम घोषित होने चाहिए। घोषित राशि बहुत कम है।
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मैसेज करने से मना कर रही पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी व न्याय दिलाए जाने के लिए भाई अवधेश सिंह लगातार सोशल मीडिया से मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को टैग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को गुलरिहा थाने की पुलिस ने बुलाई थी। जब पहुंचा तो बताया गया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए हर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर टैग न करने के लिए भी कह रही थी।

राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में कला संवाद के दौरान मौजूद लोग।

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