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Deoria News: जमीन के विवाद में मारपीट मामले में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
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27 नवंबर 2025 को गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर व लात-घूंसों से हमला करने का आरोप
महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के अमवां उर्फ बसडीला गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों के प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो पक्षों में मारपीट की यह घटना लंबे समय से चली आ रही रंजिश के चलते हुई थी।
अमवा निवासी रीता देवी ने सिविल जज (सीजेएम) न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि गांव के ही गोविंद, शुभम, किरन और रामसरन के साथ उनका पुराना भूमि विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते 27 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे सभी आरोपी एकजुट होकर उनके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर व लात-घूंसों से हमला कर दिया। पीड़िता के अनुसार, हमले में उनके पुत्र करन का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे पुत्र अर्जुन और पति जयश्री को भी गंभीर चोटें आईं। आरोप लगाया कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से बुरी तरह पिटाई की।
रीता देवी का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने थाना श्यामदेउरवा थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, विपक्षी पक्ष की शिकायत पर उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इससे आहत होकर उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक दिसंबर 2025 को आरोपी एक बार फिर उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा को निर्देशित किया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित की जाए। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने चारों आरोपी गोविन्द, शुभम, किरन और रामसरन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के अमवां उर्फ बसडीला गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों के प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो पक्षों में मारपीट की यह घटना लंबे समय से चली आ रही रंजिश के चलते हुई थी।
अमवा निवासी रीता देवी ने सिविल जज (सीजेएम) न्यायालय में प्रार्थना-पत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि गांव के ही गोविंद, शुभम, किरन और रामसरन के साथ उनका पुराना भूमि विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते 27 नवंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे सभी आरोपी एकजुट होकर उनके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर व लात-घूंसों से हमला कर दिया। पीड़िता के अनुसार, हमले में उनके पुत्र करन का हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि दूसरे पुत्र अर्जुन और पति जयश्री को भी गंभीर चोटें आईं। आरोप लगाया कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से बुरी तरह पिटाई की।
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रीता देवी का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने थाना श्यामदेउरवा थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, विपक्षी पक्ष की शिकायत पर उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इससे आहत होकर उन्होंने उच्चाधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाई लेकिन वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि एक दिसंबर 2025 को आरोपी एक बार फिर उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने थानाध्यक्ष श्यामदेउरवा को निर्देशित किया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित की जाए। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने चारों आरोपी गोविन्द, शुभम, किरन और रामसरन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।