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Deoria News: रास्ते के लिए 10 साल से संघर्ष कर रहा फौजी परिवार
Sun, 14 Sep 2025 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:26 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। मेदनापुर गांव के शर्मा टोले में तीन फौजियों का परिवार 10 साल से आम रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां 20 कड़ी के चकरोड पर अतिक्रमण के कारण फौजियों के परिवार को पगडंडी से गुजरना पड़ रहा। अतिक्रमण हटवाने के लिए ग्राम प्रधान और सेना के जवान जिम्मेदारों को प्रार्थनापत्र देकर अजीज आ चुके है। रास्ते की पैमाइश होने के बाद भी अतिक्रमण हट नहीं रहा है।
भारतीय सेना में कार्यरत भैरव शर्मा ने बताया कि उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए सरकार चीफ आर्मी अवॉर्ड से नवाज चुकी है।
उनके पिता मिथिलेश शर्मा और भाई धर्मेंद्र शर्मा भी सेना में सेवा दे चुके हैं। तीन पीढ़ी से देश सेवा में लगा रहने वाला परिवार रास्ते के लिए वर्षों से जलालत झेल रहा है। फौजियों के टोले में मुख्य मार्ग से जाने वाले रास्ते को काट कर पगडंडी बना दी गई है। अतिक्रमण हटवाने के लिए फौज से छुट्टी लेकर आने पर उनका पूरा समय अधिकारियों का चक्कर काटने में बीत जाता है।
रास्ता खाली करने के लिए वह डीएम से लेकर सीएम ऑफिस तक ऑनलाइन गुहार लगा चुके हैं। लगातार आवेदन करने के बाद निस्तारण के नाम पर सिर्फ रास्ते की पैमाइश ही हो पाई है। प्रशासन के सुस्त रवैए से फौजी परिवार व्यथित है। उन्होंने कहा कि आम रास्ते को खाली कराने में इतनी देरी अतिक्रमण हटाने के अभियान पर सवाल खड़ा कर रही है।
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ग्राम प्रधान मनोज यादव ने कहा कि चकरोड़ को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए बार-बार प्रार्थनापत्र दिया जा रहा है। तहसील प्रशासन की टीम रास्ते की पैमाइश भी कर चुकी है। अवैध कब्जेदारों को बेदखल नहीं किया जा रहा। प्रशासन के ढुलमुल रवैये से अजीज फौजी परिवार ने तहसील में धरना देने की चेतावनी दी है।
इस बावत तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि जनशिकायत पोर्टल से फौजी की शिकायत प्राप्त हुई है। इसके निस्तारण के लिए राजस्व की टीम बना दी गई है। उन्हें रास्ते का पैमाइश कर पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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रुद्रपुर। मेदनापुर गांव के शर्मा टोले में तीन फौजियों का परिवार 10 साल से आम रास्ते के लिए संघर्ष कर रहा है। यहां 20 कड़ी के चकरोड पर अतिक्रमण के कारण फौजियों के परिवार को पगडंडी से गुजरना पड़ रहा। अतिक्रमण हटवाने के लिए ग्राम प्रधान और सेना के जवान जिम्मेदारों को प्रार्थनापत्र देकर अजीज आ चुके है। रास्ते की पैमाइश होने के बाद भी अतिक्रमण हट नहीं रहा है।
भारतीय सेना में कार्यरत भैरव शर्मा ने बताया कि उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए सरकार चीफ आर्मी अवॉर्ड से नवाज चुकी है।
उनके पिता मिथिलेश शर्मा और भाई धर्मेंद्र शर्मा भी सेना में सेवा दे चुके हैं। तीन पीढ़ी से देश सेवा में लगा रहने वाला परिवार रास्ते के लिए वर्षों से जलालत झेल रहा है। फौजियों के टोले में मुख्य मार्ग से जाने वाले रास्ते को काट कर पगडंडी बना दी गई है। अतिक्रमण हटवाने के लिए फौज से छुट्टी लेकर आने पर उनका पूरा समय अधिकारियों का चक्कर काटने में बीत जाता है।
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रास्ता खाली करने के लिए वह डीएम से लेकर सीएम ऑफिस तक ऑनलाइन गुहार लगा चुके हैं। लगातार आवेदन करने के बाद निस्तारण के नाम पर सिर्फ रास्ते की पैमाइश ही हो पाई है। प्रशासन के सुस्त रवैए से फौजी परिवार व्यथित है। उन्होंने कहा कि आम रास्ते को खाली कराने में इतनी देरी अतिक्रमण हटाने के अभियान पर सवाल खड़ा कर रही है।
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ग्राम प्रधान मनोज यादव ने कहा कि चकरोड़ को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए बार-बार प्रार्थनापत्र दिया जा रहा है। तहसील प्रशासन की टीम रास्ते की पैमाइश भी कर चुकी है। अवैध कब्जेदारों को बेदखल नहीं किया जा रहा। प्रशासन के ढुलमुल रवैये से अजीज फौजी परिवार ने तहसील में धरना देने की चेतावनी दी है।
इस बावत तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि जनशिकायत पोर्टल से फौजी की शिकायत प्राप्त हुई है। इसके निस्तारण के लिए राजस्व की टीम बना दी गई है। उन्हें रास्ते का पैमाइश कर पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।