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Deoria News: संविदा के पुराने छह शिक्षकों को ही वापस लेने पर बन गई सहमति
Fri, 21 Aug 2026 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 21 Aug 2026 11:41 PM IST
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देवरिया। जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मेहरौना में शिक्षकों की कमी समेत अन्य सभी समस्याएं जल्द ही दूर कर ली जाएंगी। इसके लिए शासन स्तर पर सहमति के बाद संविदा पर पहले से रखे गए छह शिक्षकों को ही वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भोजन, पेयजल, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए गठित समिति में पहली बार छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा स्कूल परिसर में एक शिकायत पेटिका भी लगवाई जा रही है, जिसकी चाबी जिला मुख्यालय पर रहेगी।
समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित इस विद्यालय में भी केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर कक्षा छठीं से 12वीं तक के कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय शिक्षण सुविधा है। लेकिन अक्सर ही यह विद्यालय अव्यवस्था की वजह से चर्चा में रहता है। खराब खाने का मामला कई बार सामने आ चुका है। पिछले सप्ताह ही खाने में कीड़े मिलने की बात सामने आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल जाकर इसकी जांच की थी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण चंद्र चौधरी ने बताया कि करीब 350 बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल ड्रेस, पुस्तक व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई थीं, लेकिन बड़ी समस्या अस्थाई शिक्षकों को लेकर थी। बीते मई में ही शिक्षकों का अनुबंध समाप्त हो गया था और नए अनुबंध अभी हो नहीं पाया था। इस वजह से शिक्षण कार्य में दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब शासन स्तर पर सहमति बन गई है। पुराने शिक्षकों को ही वापस लिया जा रहा है। इससे बिना किसी देर के शिक्षण कार्य तत्काल आरंभ हो जाएंगे।
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निगरानी कमेटी में शामिल किए गए छात्र
समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि विद्यालय में शिक्षण, हॉस्टल व अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों के अलावा छात्रों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे कि वह अपनी दिक्कतें कमेटी के सामने रख सकें और समय रहते उनका निस्तारण हो सके। इसके अलावा परिसर में एक शिकायत पेटिका भी लगवाई जाएगी जिसकी चाबी जिला मुख्यालय पर किसी वरिष्ठ अफसर के पास होगी। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों को अगर कहीं कुछ गलत लगता है, या वह कोई सुझाव देना चाहते हैं तो इस पेटिका में अपना पत्र डाल देंगे। जिला मुख्यालय से निगरानी करने जाने पर अफसर उस पेटिका को खोलेंगे और उसके पड़े पत्रों का अनिवार्य रूप से संज्ञान लिया जाएगा।
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समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित इस विद्यालय में भी केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर कक्षा छठीं से 12वीं तक के कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय शिक्षण सुविधा है। लेकिन अक्सर ही यह विद्यालय अव्यवस्था की वजह से चर्चा में रहता है। खराब खाने का मामला कई बार सामने आ चुका है। पिछले सप्ताह ही खाने में कीड़े मिलने की बात सामने आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूल जाकर इसकी जांच की थी।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवीण चंद्र चौधरी ने बताया कि करीब 350 बच्चे हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल ड्रेस, पुस्तक व अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई थीं, लेकिन बड़ी समस्या अस्थाई शिक्षकों को लेकर थी। बीते मई में ही शिक्षकों का अनुबंध समाप्त हो गया था और नए अनुबंध अभी हो नहीं पाया था। इस वजह से शिक्षण कार्य में दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब शासन स्तर पर सहमति बन गई है। पुराने शिक्षकों को ही वापस लिया जा रहा है। इससे बिना किसी देर के शिक्षण कार्य तत्काल आरंभ हो जाएंगे।
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निगरानी कमेटी में शामिल किए गए छात्र
समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि विद्यालय में शिक्षण, हॉस्टल व अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों के अलावा छात्रों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे कि वह अपनी दिक्कतें कमेटी के सामने रख सकें और समय रहते उनका निस्तारण हो सके। इसके अलावा परिसर में एक शिकायत पेटिका भी लगवाई जाएगी जिसकी चाबी जिला मुख्यालय पर किसी वरिष्ठ अफसर के पास होगी। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों को अगर कहीं कुछ गलत लगता है, या वह कोई सुझाव देना चाहते हैं तो इस पेटिका में अपना पत्र डाल देंगे। जिला मुख्यालय से निगरानी करने जाने पर अफसर उस पेटिका को खोलेंगे और उसके पड़े पत्रों का अनिवार्य रूप से संज्ञान लिया जाएगा।