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Deoria News: 6 हजार यूनिट की खपत पर भेज दिया 1.17 लाख रुपये का बिल
Fri, 19 Dec 2025 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:24 AM IST
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देवरिया। जिले में बिजली निगम की गलत बिलिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कम खपत के बावजूद भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। शिकायत के बाद भी बिल में सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं को विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
गौरीबाजार निवासी 62 वर्षीय मंजू राय ने डीएम दिव्या मित्तल को पत्र देकर ज्यादा बिजली का बिल भेजने की शिकायत की हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से उन्हें लगातार गलत बिजली बिल भेजा जा रहा है। वास्तविक खपत लगभग छह हजार यूनिट होने के बावजूद 1 लाख 17 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया है। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुकी हैं। पीड़िता के अनुसार उनके पति स्व. अखिलेश कुमार राय के नाम से बीते 20 सालों से एक किलोवाट का ग्रामीण घरेलू विद्युत कनेक्शन दर्ज है। वर्ष 2019 में मीटर लगाए जाने के बाद भी कभी वास्तविक मीटर रीडिंग नहीं ली गई। अनुमान के आधार पर बिल जारी होते रहे और राशि लगातार बढ़ती चली गई। महिला का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक बिल में कोई सुधार नहीं किया गया। मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, जिलाधिकारी, अधीक्षण अभियंता समेत बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल निर्धारण किया जाए और अतिरिक्त व दंडात्मक शुल्क न जोड़ा जाए। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। मीटर रीडिंग और बिलिंग में यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार सुधार किया जाएगा।
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गौरीबाजार निवासी 62 वर्षीय मंजू राय ने डीएम दिव्या मित्तल को पत्र देकर ज्यादा बिजली का बिल भेजने की शिकायत की हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से उन्हें लगातार गलत बिजली बिल भेजा जा रहा है। वास्तविक खपत लगभग छह हजार यूनिट होने के बावजूद 1 लाख 17 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया है। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुकी हैं। पीड़िता के अनुसार उनके पति स्व. अखिलेश कुमार राय के नाम से बीते 20 सालों से एक किलोवाट का ग्रामीण घरेलू विद्युत कनेक्शन दर्ज है। वर्ष 2019 में मीटर लगाए जाने के बाद भी कभी वास्तविक मीटर रीडिंग नहीं ली गई। अनुमान के आधार पर बिल जारी होते रहे और राशि लगातार बढ़ती चली गई। महिला का आरोप है कि उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक बिल में कोई सुधार नहीं किया गया। मजबूर होकर उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, जिलाधिकारी, अधीक्षण अभियंता समेत बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल निर्धारण किया जाए और अतिरिक्त व दंडात्मक शुल्क न जोड़ा जाए। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। मीटर रीडिंग और बिलिंग में यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार सुधार किया जाएगा।
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