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किसानों की आस पर फिरा पानी
Deoria
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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बरहज। विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों के कर्ज माफी का वायदा कर सत्ता में आई सरकार की सपा मुखिया के जन्मदिन पर माफी की घोषणा सुन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गईं। कर्ज से मुक्ति की आस लगाए किसानों के चेहरे लटक गए। महज एक बैंक से कर्ज लिए किसानों की माफी और अन्य बैंकों की घोषणा नहीं होने पर किसानों ने सरकार कर्ज माफ किए जाने की मांग की है।
सूबे के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कर्ज माफी की घोषणा की। इसे सुन किसानों के माथे पर पसीना आ गया। कपरवार के रघुपति सिंह, सुदामा सिंह, दयाशंकर ने कहा कि सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी। कर्ज माफ होने की आस लगाए थे पर यह घोषणा निराश करने वाला है। बंजरिया के विजय तिवारी, कन्हैया यादव, मारकंडेय तिवारी का कहना है कि सरकार ने छल किया है। कर्ज नहीं चुका पाने से दशा और दयनीय होगी। सरकार पूर्वांचल ग्रामीण बैंक सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों के कर्ज को माफ करें। भलुअनी के बलवंत सिंह, चंद्रशेखर सिंह, विजय बहादुर सिंह, धनौती के अजीत सिंह का कहना हैं कि चुनाव के दौरान किए किसी वायदे को सरकार कायदे से पूरा नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक बैंक के किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा कर अन्याय किया है। किसान हितों को ध्यान में रखते हुए सभी बैंक ों के कृषि ऋण सरकार माफ करें। किसान नेता हरेंद्र यादव, हरेंद्र मल्ल, रमायन गुप्ता, डॉ. दिनेश सिंह ने सरकार से अपने वायदे के मुताबिक सभी किसानों के कर्ज माफ करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर सरकार को समय आने पर जवाब दिया जाएगा। किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है।
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सूबे के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कर्ज माफी की घोषणा की। इसे सुन किसानों के माथे पर पसीना आ गया। कपरवार के रघुपति सिंह, सुदामा सिंह, दयाशंकर ने कहा कि सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं थी। कर्ज माफ होने की आस लगाए थे पर यह घोषणा निराश करने वाला है। बंजरिया के विजय तिवारी, कन्हैया यादव, मारकंडेय तिवारी का कहना है कि सरकार ने छल किया है। कर्ज नहीं चुका पाने से दशा और दयनीय होगी। सरकार पूर्वांचल ग्रामीण बैंक सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के किसानों के कर्ज को माफ करें। भलुअनी के बलवंत सिंह, चंद्रशेखर सिंह, विजय बहादुर सिंह, धनौती के अजीत सिंह का कहना हैं कि चुनाव के दौरान किए किसी वायदे को सरकार कायदे से पूरा नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ने सिर्फ एक बैंक के किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा कर अन्याय किया है। किसान हितों को ध्यान में रखते हुए सभी बैंक ों के कृषि ऋण सरकार माफ करें। किसान नेता हरेंद्र यादव, हरेंद्र मल्ल, रमायन गुप्ता, डॉ. दिनेश सिंह ने सरकार से अपने वायदे के मुताबिक सभी किसानों के कर्ज माफ करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर सरकार को समय आने पर जवाब दिया जाएगा। किसानों की हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है।
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