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वादाखिलाफी कर रही है सरकार: बालेश्वर
Deoria
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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देवरिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ ने मानदेय की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम डीएम को पत्रक दिया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिले भर के वित्त विहीन शिक्षक मांगों के संबंध में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री बालेश्वर यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय दिए जाने का वादा किया था लेकिन अभी तक इस पर कोई पहल नहीं की गई। हालांकि शासन ने शिक्षकों की विद्यालयवार सूची भी मांग ली है।
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जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा देने में वित्त विहीन शिक्षकों की अहम भूमिका है। वित्त पोषित विद्यालयों के कई गुना बच्चे वित्त विहीन विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद इन शिक्षकों की उपेक्षा सरकारें कर रही हैं। राम प्रवेश सिंह ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अपना वादा पूरा करें। वीरबल यादव ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों का परिवार इस समय भुखमरी के कगार पर है। ऐसे में इनकी माली हालत को देखते हुए सरकार को चाहिए कि घोषणा के तहत मानदेय का भुगतान किया जाय ताकि परिवार का जीविकोपार्जन हो सके। वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर होना ही चाहिए क्योंकि हम शिक्षक सबसे ज्यादा मेहनत कर भविष्य के कर्णधार तैयार करते हैं। शिक्षकों ने कहा कि यदि हमारी मांगों पर सरकार पहल नहीं करती है तो 27 नवंबर को प्रदेश के शिक्षक लखनऊ विधान सभा पर धरना देंगे।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिले भर के वित्त विहीन शिक्षक मांगों के संबंध में नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
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धरना को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री बालेश्वर यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय दिए जाने का वादा किया था लेकिन अभी तक इस पर कोई पहल नहीं की गई। हालांकि शासन ने शिक्षकों की विद्यालयवार सूची भी मांग ली है।
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जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा देने में वित्त विहीन शिक्षकों की अहम भूमिका है। वित्त पोषित विद्यालयों के कई गुना बच्चे वित्त विहीन विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद इन शिक्षकों की उपेक्षा सरकारें कर रही हैं। राम प्रवेश सिंह ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अपना वादा पूरा करें। वीरबल यादव ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों का परिवार इस समय भुखमरी के कगार पर है। ऐसे में इनकी माली हालत को देखते हुए सरकार को चाहिए कि घोषणा के तहत मानदेय का भुगतान किया जाय ताकि परिवार का जीविकोपार्जन हो सके। वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर होना ही चाहिए क्योंकि हम शिक्षक सबसे ज्यादा मेहनत कर भविष्य के कर्णधार तैयार करते हैं। शिक्षकों ने कहा कि यदि हमारी मांगों पर सरकार पहल नहीं करती है तो 27 नवंबर को प्रदेश के शिक्षक लखनऊ विधान सभा पर धरना देंगे।