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शिक्षामित्रों ने नहीं मनाया त्योहार
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:00 PM IST
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रुद्रपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आहत शिक्षामित्रों ने रक्षाबंधन का त्योहार नहीं मनाया। उन्होंने भविष्य को लेकर सरकार की बेरुखी पर चिंता जताई। आंदोलन स्थगित होने के कई दिन बीतने के बाद भी सरकार का रुख स्पष्ट नहीं होने पर सीएम को ट्वीट कर ध्यान आकर्षित किया।
शिक्षामित्रों के नेता मणिंद्र नारायण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में हैं। प्रदेश के 172 हजार शिक्षामित्रों की नौकरी का संकट उत्पन्न होने से उनके परिवार में मातम जैसा माहौल है। इस कारण शिक्षामित्रों के परिवार में रक्षाबंधन जैसा खुशियों का त्योहार नहीं मनाया गया। शिक्षामित्रों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीटर पर रक्षाबंधन की बधाई भेजकर भावनाओं से अवगत कराया। उम्मीद है कि सीएम मानवीय आधार पर शिक्षामित्रों के पक्ष में निर्णय लेंगे। प्रदेश सरकार के देरी से शिक्षामित्रों में निराशा बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षामित्रों के पक्ष में निर्णय नहीं सुनाने से उनके सब्र का बांध टूटने लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर शिक्षामित्रों के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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शिक्षामित्रों के नेता मणिंद्र नारायण सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में हैं। प्रदेश के 172 हजार शिक्षामित्रों की नौकरी का संकट उत्पन्न होने से उनके परिवार में मातम जैसा माहौल है। इस कारण शिक्षामित्रों के परिवार में रक्षाबंधन जैसा खुशियों का त्योहार नहीं मनाया गया। शिक्षामित्रों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को ट्वीटर पर रक्षाबंधन की बधाई भेजकर भावनाओं से अवगत कराया। उम्मीद है कि सीएम मानवीय आधार पर शिक्षामित्रों के पक्ष में निर्णय लेंगे। प्रदेश सरकार के देरी से शिक्षामित्रों में निराशा बनी है। उन्होंने कहा कि सरकार के शिक्षामित्रों के पक्ष में निर्णय नहीं सुनाने से उनके सब्र का बांध टूटने लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर शिक्षामित्रों के पक्ष में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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