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जिले के 795 परिषदीय शिक्षकों को मिलेगा अंतर जनपदीय तबादले का लाभ
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जिले के 795 परिषदीय शिक्षकों को मिलेगा अंतर जनपदीय तबादले का लाभ
देवरिया। प्रदेश सरकार की ओर से अंतर जनपदीय स्थानांतरण नीति को मंजूरी दिए जाने के बाद जनपद के भी शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। 795 शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। इसमें पारस्परिक सहमति से दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक भी शामिल हैं। शासनादेश आने के बाद इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई है।
दूसरे जनपद में जाने के इच्छुक शिक्षकों से 20 दिसंबर 2019 से 20 जनवरी 2020 तक आवेदन मांगे गए थे। बाद में इसे बढ़ाकर 28 जनवरी कर दिया गया। इसमें नियमित और पारस्परिक दोनों तरह के स्थानांतरण की इच्छा रखने वाले जिले के कुल 1327 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से 877 शिक्षकों का आवेदन सही मिला और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित हुआ।
30 जनवरी से पांच फरवरी तक काउंसिलिंग में 795 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। काउंसिलिंग के बाद बीएसए कार्यालय में शिक्षकों ने अपने आवदेन पत्रों की प्रतियां भी जमा कर दी। इस बीच कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने अंतर जनपदीय स्थानांतरण पर रोक लगा दी। इससे शिक्षकों में निराशा छा गई थी। लॉकडाउन और अनलॉक के चलते अब तक स्थानांतरण प्रक्रिया रुकी रही। अब करीब सात महीने बाद मुख्यमंत्री की ओर से रोक हटाने की घोषणा से गैर जनपद जाने के इच्छुक शिक्षकों में उम्मीद जगी है। इसमें मुख्यमंत्री ने महिला, गंभीर रूप से बीमार, सैनिकों के परिवारों की महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता देने को कहा है। नवागत बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत शासन की ओर से मिले हर निर्देश का पालन कराया जाएगा।
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देवरिया। प्रदेश सरकार की ओर से अंतर जनपदीय स्थानांतरण नीति को मंजूरी दिए जाने के बाद जनपद के भी शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। 795 शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। इसमें पारस्परिक सहमति से दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक भी शामिल हैं। शासनादेश आने के बाद इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई है।
दूसरे जनपद में जाने के इच्छुक शिक्षकों से 20 दिसंबर 2019 से 20 जनवरी 2020 तक आवेदन मांगे गए थे। बाद में इसे बढ़ाकर 28 जनवरी कर दिया गया। इसमें नियमित और पारस्परिक दोनों तरह के स्थानांतरण की इच्छा रखने वाले जिले के कुल 1327 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से 877 शिक्षकों का आवेदन सही मिला और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित हुआ।
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30 जनवरी से पांच फरवरी तक काउंसिलिंग में 795 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। काउंसिलिंग के बाद बीएसए कार्यालय में शिक्षकों ने अपने आवदेन पत्रों की प्रतियां भी जमा कर दी। इस बीच कोरोना महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने अंतर जनपदीय स्थानांतरण पर रोक लगा दी। इससे शिक्षकों में निराशा छा गई थी। लॉकडाउन और अनलॉक के चलते अब तक स्थानांतरण प्रक्रिया रुकी रही। अब करीब सात महीने बाद मुख्यमंत्री की ओर से रोक हटाने की घोषणा से गैर जनपद जाने के इच्छुक शिक्षकों में उम्मीद जगी है। इसमें मुख्यमंत्री ने महिला, गंभीर रूप से बीमार, सैनिकों के परिवारों की महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता देने को कहा है। नवागत बीएसए संतोष कुमार राय ने बताया कि अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत शासन की ओर से मिले हर निर्देश का पालन कराया जाएगा।
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