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जिले में मिले 77 नए कुष्ठ रोगी, इलाज शुरू
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जिले में मिले 77 नए कुष्ठ रोगी, इलाज शुरू
देवरिया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में 77 नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इन मरीजों में कुष्ठ रोग होने की पुष्टि के बाद इनका नि:शुल्क उपचार शुरू कर दिया गया है। मरीजों के नियमित दवा के सेवन से कुष्ठ रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं।
कुष्ठ रोग एमबी एवं पीबी दो तरह का होता है। शरीर में पांच से अधिक सुन्न दाग और दो नसें प्रभावित रहने वाला व्यक्ति एमबी तथा एक से पांच सुन्न दाग और एक नस प्रभावित रहने वाला मरीज पीबी कुष्ठ रोगी की श्रेणी में आता है। कुष्ठ के रोगी एमडीटी दवा से ठीक हो जाते हैं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संजय चंद ने बताया कि जनपद में अप्रैल 2020 से सितंबर 2021 तक कुष्ठ रोग के 77 नए मरीज मिले, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में कुष्ठ रोगियों के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध है। कुष्ठ से दिव्यांग हुए मरीजों को हर माह 2500 रूपये पेंशन दिए जाते हैं। साथ ही कुष्ठ से दिव्यांग मरीजों का मुफ्त आपरेशन कराया जाता है और उन्हें आठ हजार रुपये का भुगतान तीन किश्तों में किया जाता है।
इलाज से ठीक हो जाता है कुष्ठ
जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. इरशाद आलम खान ने बताया कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। एमबी कुष्ठ रोगी को सरकारी अस्पतालों में 12 ब्लीस्टर दवा एवं पीबी कुष्ठ रोगी को छह ब्लीस्टर दवा उपलब्ध कराया जाता है, जिसे खाना जरूरी है। एक ब्लीस्टर दवा 28 दिन का रहता है।
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कुष्ठ रोग के लक्षण
- रोगी के शरीर के संक्रमित स्थानों की संवदेनशीलता समाप्त हो जाती है और शरीर के प्रभावित भागों पर स्पर्श महसूस नहीं होता है।
- कुछ तरह के मामलों में पहले त्वचा पर दो से तीन सेमी व्यास के पीलापन और लाल रंग लिए चमकदार चकत्ते उभरते हैं। इनमें सूजन आ जाती है।
- हाथ, उंगली या पैर की अंगुली भी सुन्न हो सकती है, पलकों के झपकने में कमी होने से रोगी अंधेपन का शिकार हो सकता है।
- मुंह तथा संक्रमित स्थानों की त्वचा मोटी हो जाती है और नाड़ियों में सिकुड़न महसूस होती है।
- हाथ व पैरों और आंखों में कमजोरी, नसों में सूजन, मोटापन या दर्द, चेहरे, शरीर और कान पर गांठें और घाव, (जिसमें दर्द न हो रहा हो) के अलावा हाथ और पैरों में विकृति।
रोग के अंतिम चरण में हाथों एवं पैरों की उंगलियों में घाव बन जाते हैं और ये गलकर समाप्त हो जाते हैं।
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देवरिया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद में 77 नए कुष्ठ रोगी मिले हैं। इन मरीजों में कुष्ठ रोग होने की पुष्टि के बाद इनका नि:शुल्क उपचार शुरू कर दिया गया है। मरीजों के नियमित दवा के सेवन से कुष्ठ रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं।
कुष्ठ रोग एमबी एवं पीबी दो तरह का होता है। शरीर में पांच से अधिक सुन्न दाग और दो नसें प्रभावित रहने वाला व्यक्ति एमबी तथा एक से पांच सुन्न दाग और एक नस प्रभावित रहने वाला मरीज पीबी कुष्ठ रोगी की श्रेणी में आता है। कुष्ठ के रोगी एमडीटी दवा से ठीक हो जाते हैं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. संजय चंद ने बताया कि जनपद में अप्रैल 2020 से सितंबर 2021 तक कुष्ठ रोग के 77 नए मरीज मिले, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। सदर अस्पताल सहित सभी पीएचसी में कुष्ठ रोगियों के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध है। कुष्ठ से दिव्यांग हुए मरीजों को हर माह 2500 रूपये पेंशन दिए जाते हैं। साथ ही कुष्ठ से दिव्यांग मरीजों का मुफ्त आपरेशन कराया जाता है और उन्हें आठ हजार रुपये का भुगतान तीन किश्तों में किया जाता है।
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इलाज से ठीक हो जाता है कुष्ठ
जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. इरशाद आलम खान ने बताया कुष्ठ रोगियों का नियमित इलाज के बाद रोग के कीटाणु समाप्त हो जाते हैं। एमबी कुष्ठ रोगी को सरकारी अस्पतालों में 12 ब्लीस्टर दवा एवं पीबी कुष्ठ रोगी को छह ब्लीस्टर दवा उपलब्ध कराया जाता है, जिसे खाना जरूरी है। एक ब्लीस्टर दवा 28 दिन का रहता है।
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कुष्ठ रोग के लक्षण
- रोगी के शरीर के संक्रमित स्थानों की संवदेनशीलता समाप्त हो जाती है और शरीर के प्रभावित भागों पर स्पर्श महसूस नहीं होता है।
- कुछ तरह के मामलों में पहले त्वचा पर दो से तीन सेमी व्यास के पीलापन और लाल रंग लिए चमकदार चकत्ते उभरते हैं। इनमें सूजन आ जाती है।
- हाथ, उंगली या पैर की अंगुली भी सुन्न हो सकती है, पलकों के झपकने में कमी होने से रोगी अंधेपन का शिकार हो सकता है।
- मुंह तथा संक्रमित स्थानों की त्वचा मोटी हो जाती है और नाड़ियों में सिकुड़न महसूस होती है।
- हाथ व पैरों और आंखों में कमजोरी, नसों में सूजन, मोटापन या दर्द, चेहरे, शरीर और कान पर गांठें और घाव, (जिसमें दर्द न हो रहा हो) के अलावा हाथ और पैरों में विकृति।
रोग के अंतिम चरण में हाथों एवं पैरों की उंगलियों में घाव बन जाते हैं और ये गलकर समाप्त हो जाते हैं।