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धनतेरस पर उमड़ी भीड़, जाम में फंसे लोग
Updated Mon, 05 Nov 2018 10:13 PM IST
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धनतेरस में जाम से दिनभर परेशन रहें लोग
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। धनतेरस पर खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ शहर में जाम का सबब बन गई। इससे देर शाम तक मुख्य मार्गों से लगायत मोहल्लों की गलियां भीड़ भरी रहीं। गाड़ियों की लंबी कतार के कारण लोगों को सड़क पार करने में कठिनाई हुई। भीड़ से खचाखच भरी सड़कों पर एंबुलेंस घंटो जाम में फंसे रहे। यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे होमगार्ड भीड़ के आगे लाचार दिखे।
सोमवार के दिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई। धनतेरस को लेकर सुबह दस बजे से ही शहर में खरीदारों का हुजूम बढ़ने लगा। प्रशासन की ओर से किए गए सारे इंतजाम भीड़ के दबाव में ध्वस्त होते गए। दोपहर होते-होते शहर के सभी मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति भयावह हो गई। भीड़ से बचने के लिए लोग गलियों का रुख करने लगे। इससे मोहल्लों की गलियां भी जाम से पट गईं। गोरखपुर सलेमपुर मार्ग चौड़ा होने के बावजूद भीड़ के दबाव में संकरा नजर आने लगा। आईटीआई से लेकर पुरवां चौराहे तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। सबसे खराब स्थित मोतीलाल रोड की रही। रूक-रूककर ढाला बंद होने से भीखमपुर रोड, स्टेशन रोड, जलकल रोड, कसया रोड के अलावा आसपास की गलियों में वाहनों के कतार लगे रहे। वहीं सुभाष चौक, मालवीय रोड, अंसारी रोड, कोतवाली रोड, छह मुखी चौराहा, न्यू कालोनी, राघवनगर आदि जगहों पर लोग जाम में फंसे रहे। रुद्रपुर मोड़ से पुरवां चौराहे तक का सफर करने में बाइक सवारों को घंटो समय गुजारने पड़े। बड़े वाहनों में सवार लोगों का बुरा हाल था। शहर के तिराहों चौराहों तैनात पुलिस व होमगार्ड जाम खुलवाने के लिए पूरे दिन मशक्कत करते रहे। रात नौ बजे के बाद सड़कों पर वाहनों का आवागमन सुचारु हो सका।
नहीं हुआ व्यापक इंतजाम
धनतेरस के पर्व पर हर वर्ष शहर में खरीदारों की भारी भीड़ होती है। इस बात से आम आदमी भी वाकिफ है। लेकिन प्रशासन पूरी तरह अंजान है। इसका खामियाजा सोमवार को आमलोगों को जाम से जूझकर भुगतना पड़ा। जाम से निपटने के लिए पुलिस ने पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाई थी। पूरे दिन जाम के हालात बेकाबू हो गए।
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सोमवार को वैसे भी शहर में लोगों की भीड़ अधिक होती है। ऊपर से धनतेेरस की खरीदारी को लेकर भीड़ और बढ़ गई। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और होमगार्ड तैनात किए गए थे। वाहनों की कतार लंबी थी लेकिन जाम ज्यादा देर तक टिकने नहीं दिया गया।
वरुण मिश्रा, सीओ सिटी।
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सोमवार के दिन शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतर गई। धनतेरस को लेकर सुबह दस बजे से ही शहर में खरीदारों का हुजूम बढ़ने लगा। प्रशासन की ओर से किए गए सारे इंतजाम भीड़ के दबाव में ध्वस्त होते गए। दोपहर होते-होते शहर के सभी मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति भयावह हो गई। भीड़ से बचने के लिए लोग गलियों का रुख करने लगे। इससे मोहल्लों की गलियां भी जाम से पट गईं। गोरखपुर सलेमपुर मार्ग चौड़ा होने के बावजूद भीड़ के दबाव में संकरा नजर आने लगा। आईटीआई से लेकर पुरवां चौराहे तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। सबसे खराब स्थित मोतीलाल रोड की रही। रूक-रूककर ढाला बंद होने से भीखमपुर रोड, स्टेशन रोड, जलकल रोड, कसया रोड के अलावा आसपास की गलियों में वाहनों के कतार लगे रहे। वहीं सुभाष चौक, मालवीय रोड, अंसारी रोड, कोतवाली रोड, छह मुखी चौराहा, न्यू कालोनी, राघवनगर आदि जगहों पर लोग जाम में फंसे रहे। रुद्रपुर मोड़ से पुरवां चौराहे तक का सफर करने में बाइक सवारों को घंटो समय गुजारने पड़े। बड़े वाहनों में सवार लोगों का बुरा हाल था। शहर के तिराहों चौराहों तैनात पुलिस व होमगार्ड जाम खुलवाने के लिए पूरे दिन मशक्कत करते रहे। रात नौ बजे के बाद सड़कों पर वाहनों का आवागमन सुचारु हो सका।
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नहीं हुआ व्यापक इंतजाम
धनतेरस के पर्व पर हर वर्ष शहर में खरीदारों की भारी भीड़ होती है। इस बात से आम आदमी भी वाकिफ है। लेकिन प्रशासन पूरी तरह अंजान है। इसका खामियाजा सोमवार को आमलोगों को जाम से जूझकर भुगतना पड़ा। जाम से निपटने के लिए पुलिस ने पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाई थी। पूरे दिन जाम के हालात बेकाबू हो गए।
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सोमवार को वैसे भी शहर में लोगों की भीड़ अधिक होती है। ऊपर से धनतेेरस की खरीदारी को लेकर भीड़ और बढ़ गई। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और होमगार्ड तैनात किए गए थे। वाहनों की कतार लंबी थी लेकिन जाम ज्यादा देर तक टिकने नहीं दिया गया।
वरुण मिश्रा, सीओ सिटी।