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जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों का हंगामा
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:19 PM IST
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जिला पंचायत बोर्ड की बैठक अपनी बात रखते सदस्य।।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को हुई जिला पंचायत समिति की बैठक में सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। पिछली कार्यवाही की पुष्टि को लेकर सदस्य दो खेमों में बंटे रहे। एक खेमा प्रस्ताव पर तत्कालीन अध्यक्ष के दस्तखत नहीं होने के कारण पुष्टि से इन्कार करता रहा, जबकि दूसरा खेमा इसके पक्ष में था। बतौर प्रशासक, डीएम सुजीत कुमार ने बहुमत से फैसला करने के लिए मतदान कराया बावजूद कोई निष्कर्ष नहीं निकला। बाद में इसे छोड़कर अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। बैठक के दौरान आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी रही। पक्ष-विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे पर भेदभाव के आरोप लगाते रहे। डीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी भी सदस्य के सम्मान पर आंच नहीं आएगी। सबको समान भाव में रखते हुए विकास की धनराशि एक समान आवंटित की जाएगी।
दोपहर 12 बजे से शुरू हुई बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि को लेकर ही सदस्य दो फाड़ में बंट गए। प्रस्ताव पर अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के दस्तखत नहीं होने की दलील देते हुए एक गुट ने पिछली कार्यवाही की पुष्टि नहीं करने की बात कही। उनका कहना था कि जब अध्यक्ष के ही दस्तखत नहीं है तो वह कैसे कार्यवाही को पुष्ट कर दें। डीएम ने परिस्थितियों का हवाला दिया। बताया कि यह कार्यवाही सदस्यों की मौजूदगी में ही हुई है। लिहाजा इसकी पुष्टि में आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बाद में बहुमत से पुष्टि के लिए मतदान कराया गया। दोनों तरफ से 27-27 सदस्य हो गए। डीएम ने बतौर अध्यक्ष अपना मत पुष्टि के पक्ष में दिया, लेकिन तब तक दो अन्य सदस्यों के पहुंचने से फिर प्रक्रिया अटक गई। बाद में इस बिंदु को छोड़कर चर्चा आगे बढ़ा दी गई। विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों ने योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उसमें सदस्यों से सहयोग का आह्वान किया। निर्माण समिति के अध्यक्ष परवेज ने बिना निर्माण व नियोजन समिति के समक्ष प्रस्तावों को रखे निर्माण से जुड़ा बजट पास कराने पर आपत्ति दर्ज कराई। भलुअनी के गिरेेंद्र यादव ने आवासों की मरम्मत में वित्तीय अनियमितता, निजी हित के कार्य कराने, एक सदस्य के परिवार के व्यक्ति के ठेकेदारी करने आदि के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। डीएम सुजीत कुमार ने सभी सदस्यों को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से कार्य कराने का आश्वासन दिया। कहा कि सदस्य जनहित के कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर दें, सबको एक समान रुप से धनराशि का आवंटन किया जाएगा। बैठक में राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, सदर विधायक जन्मेजय सिंह, विधायक सुरेश तिवारी, सीडीओ राजेश त्यागी, एएमए ज्ञानधन सिंह सहित सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
बिजली कटौती पर तमतमाए सदस्य, एक्सईएन से झड़प
बैठक के दौरान बिजली कटौती को लेकर सदस्य नाराज थे। हल्की बारिश के बाद उमसभरी गर्मी से सभागार में बैठा हर कोई छटपटा रहा था। एसी बंद थे, कई पंखे भी नहीं चल रहे थे। कोई कागज तो कोई रुमाल से हवा करने की कोशिश करता रहा। काफी देर बाद भी बिजली न पर आने शोर मचना शुरू हो गया। बिजली निगम के अफसर बैठक में मौजूद नहीं थे। डीएम ने फोन कर बुलाया तो सदस्य एक साथ सवाल दागने लगे। एक्सईएन संतोष कुमार जवाब देने डॉयस पर आए तभी देसही देवरिया ब्लॉक से निर्वाचित जवाहर प्रजापति गुस्से में उनकी ओर लपके। बीचबचाव करते हुए अन्य सदस्यों ने उन्हें रोक दिया। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने नोडल अधिकारी एसई के लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा।
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अस्पतालों पर नहीं रुकते डॉक्टर, बाहर की लिखी जा रही दवा
पथरदेवा के सदस्य ने पीएचसी पर रात में चिकित्सकों के नहीं रहने की शिकायत की। एकौना और न्यू पीएचसी चकिया कोठी पर भी डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया। बनकटा के सदस्य का कहना था कि ब्लॉक पीएचसी पर जिस डॉक्टर की तैनाती है, उनका सीवान में नर्सिंगहोम चलता है। वह यहां अस्पताल पर नहीं आते। सीएमओ ने कार्रवाई की बात कही। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बाहर की दवा लिखने का भी सदस्यों ने आरोप लगाया। प्रधानमंत्री जन औषधिकेंद्र का समय सुबह आठ से शाम पांच बजे तक करने की मांग की।
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दोपहर 12 बजे से शुरू हुई बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि को लेकर ही सदस्य दो फाड़ में बंट गए। प्रस्ताव पर अध्यक्ष रामप्रवेश यादव के दस्तखत नहीं होने की दलील देते हुए एक गुट ने पिछली कार्यवाही की पुष्टि नहीं करने की बात कही। उनका कहना था कि जब अध्यक्ष के ही दस्तखत नहीं है तो वह कैसे कार्यवाही को पुष्ट कर दें। डीएम ने परिस्थितियों का हवाला दिया। बताया कि यह कार्यवाही सदस्यों की मौजूदगी में ही हुई है। लिहाजा इसकी पुष्टि में आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बाद में बहुमत से पुष्टि के लिए मतदान कराया गया। दोनों तरफ से 27-27 सदस्य हो गए। डीएम ने बतौर अध्यक्ष अपना मत पुष्टि के पक्ष में दिया, लेकिन तब तक दो अन्य सदस्यों के पहुंचने से फिर प्रक्रिया अटक गई। बाद में इस बिंदु को छोड़कर चर्चा आगे बढ़ा दी गई। विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों ने योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए उसमें सदस्यों से सहयोग का आह्वान किया। निर्माण समिति के अध्यक्ष परवेज ने बिना निर्माण व नियोजन समिति के समक्ष प्रस्तावों को रखे निर्माण से जुड़ा बजट पास कराने पर आपत्ति दर्ज कराई। भलुअनी के गिरेेंद्र यादव ने आवासों की मरम्मत में वित्तीय अनियमितता, निजी हित के कार्य कराने, एक सदस्य के परिवार के व्यक्ति के ठेकेदारी करने आदि के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। डीएम सुजीत कुमार ने सभी सदस्यों को पारदर्शिता पूर्ण ढंग से कार्य कराने का आश्वासन दिया। कहा कि सदस्य जनहित के कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार कर दें, सबको एक समान रुप से धनराशि का आवंटन किया जाएगा। बैठक में राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, सदर विधायक जन्मेजय सिंह, विधायक सुरेश तिवारी, सीडीओ राजेश त्यागी, एएमए ज्ञानधन सिंह सहित सदस्य व अधिकारी मौजूद रहे।
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बिजली कटौती पर तमतमाए सदस्य, एक्सईएन से झड़प
बैठक के दौरान बिजली कटौती को लेकर सदस्य नाराज थे। हल्की बारिश के बाद उमसभरी गर्मी से सभागार में बैठा हर कोई छटपटा रहा था। एसी बंद थे, कई पंखे भी नहीं चल रहे थे। कोई कागज तो कोई रुमाल से हवा करने की कोशिश करता रहा। काफी देर बाद भी बिजली न पर आने शोर मचना शुरू हो गया। बिजली निगम के अफसर बैठक में मौजूद नहीं थे। डीएम ने फोन कर बुलाया तो सदस्य एक साथ सवाल दागने लगे। एक्सईएन संतोष कुमार जवाब देने डॉयस पर आए तभी देसही देवरिया ब्लॉक से निर्वाचित जवाहर प्रजापति गुस्से में उनकी ओर लपके। बीचबचाव करते हुए अन्य सदस्यों ने उन्हें रोक दिया। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने नोडल अधिकारी एसई के लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा।
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पथरदेवा के सदस्य ने पीएचसी पर रात में चिकित्सकों के नहीं रहने की शिकायत की। एकौना और न्यू पीएचसी चकिया कोठी पर भी डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया। बनकटा के सदस्य का कहना था कि ब्लॉक पीएचसी पर जिस डॉक्टर की तैनाती है, उनका सीवान में नर्सिंगहोम चलता है। वह यहां अस्पताल पर नहीं आते। सीएमओ ने कार्रवाई की बात कही। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बाहर की दवा लिखने का भी सदस्यों ने आरोप लगाया। प्रधानमंत्री जन औषधिकेंद्र का समय सुबह आठ से शाम पांच बजे तक करने की मांग की।