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घोड़े और खच्चरों के आकड़ों से विभाग बेखबर
Updated Fri, 16 Jun 2017 10:43 PM IST
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देवरिया। ग्लैंडर्स फार्सी का संक्रमण संतकबीरनगर में पहुंचने के बाद देवरिया के पशु पालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग के पास जिले में घोड़े, गधे, खच्चर और टट्टू का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। लेकिन विभाग पिछले चार माह से इन जानवरों का सेंपल जांच के लिए हिसार भेजने का दावा कर रहा है।
पशु पालन विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जिससे जानकारी हो सके कि जिले में कितने खच्चर, घोड़े और गधे हैं। जानकारों की माने तो अधिकांश ईट-भट्ठों पर खच्चर काम करते हैं। इसके अलावा कई लोग शौक से घोड़े भी पाल रखे हैं। बिना आंकड़े के विभाग ‘ग्लैंडर्स फार्सी संक्रमण’ से निपटने की कोशिश कर रहा है जो काफी मुश्किल है। फरवरी 2017 में जिले से 20 सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार जांच के लिए भेजा जाता है। पशुपालन विभाग की माने तो अभी तक पॉजीटिव रिपोर्ट आया है। लेकिन इन दिनों इसको लेकर पशु पालन विभाग हरकत में आया है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि ‘ग्लैंडर्स फार्सी संक्रमण’ घोड़े और खच्चरों में पाया जाता है। इन जानवरों की गणना नहीं कराई गई है। इसलिए आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वैसे 400 के करीब जानवर जिले में होगे। वैसे प्रत्येक माह ब्लॉकवार जांच के लिए सेंपल भेजा जाता है।
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पशु पालन विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जिससे जानकारी हो सके कि जिले में कितने खच्चर, घोड़े और गधे हैं। जानकारों की माने तो अधिकांश ईट-भट्ठों पर खच्चर काम करते हैं। इसके अलावा कई लोग शौक से घोड़े भी पाल रखे हैं। बिना आंकड़े के विभाग ‘ग्लैंडर्स फार्सी संक्रमण’ से निपटने की कोशिश कर रहा है जो काफी मुश्किल है। फरवरी 2017 में जिले से 20 सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार जांच के लिए भेजा जाता है। पशुपालन विभाग की माने तो अभी तक पॉजीटिव रिपोर्ट आया है। लेकिन इन दिनों इसको लेकर पशु पालन विभाग हरकत में आया है। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि ‘ग्लैंडर्स फार्सी संक्रमण’ घोड़े और खच्चरों में पाया जाता है। इन जानवरों की गणना नहीं कराई गई है। इसलिए आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। वैसे 400 के करीब जानवर जिले में होगे। वैसे प्रत्येक माह ब्लॉकवार जांच के लिए सेंपल भेजा जाता है।
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