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गर्मी में दगा देने लगे हैंडपंप
Updated Tue, 24 Apr 2018 11:47 PM IST
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एनएम प्रशिक्षण केंद्र के तरफ जाने वाले सडक पर टुटा पडा इंडिया मार्का हैंड पंप।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। जिले में एक-एक डिग्री चढ़ते पारे बीच शहर में लगे अधिकांश हैंडपंप भी लोगों को दगा देने लगे हैं। इनमें से कुछ सालों से खराब हैं तो कुछ ने हाल में पानी उगलना बंद कर दिया है। कुछ हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है जो किसी काम का नहीं। उधर, शहर में पेयजल की व्यवस्था के लिए जिम्मेदार नगर पालिका परिषद अपनी धुन में मस्त है। अधिशासी अधिकारी अमित कुमार सिंह कहते हैं कि हैंडपंप में पानी इस वजह से नहीं आ रहा है, क्योंकि गर्मी में जलस्तर नीचे चला जाता है। उनका कहना है कि हैंडपंपों का रिबोर कराया जाएगा। पूछो कब तो जवाब मिलता है जल्द। लेकिन यह जल्द गर्मी बीतने से पहले आएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं होता। इस बात को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है।
शहर के विभिन्न मोहल्लों में करीब 1200 हैंडपंप हैं। इनमें कुछ वार्ड सदस्य कोटे से लगे हैं तो कुछ विधायक निधि से। गर्मी के तल्ख होते तेवर के बीच शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को कई मोहल्लों का जायजा लिया। पोस्टमार्टम चौराहा के पास एएनएम प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगे इंडिया मार्का टू हैंडपंप का सिर्फ नीचे का हिस्सा बचा है। हैंडल आदि गायब हैं। इस मार्ग से लोग जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट जाते हैं। पहले यह हैंडपंप राहगीरों का गला तर करने के काम आता था। अब यह खुद प्यासा है।
रामनाथ देवरिया के मलिन बस्ती में तीसमती के घर के सामने सड़क किनारे लगे हैंडपंप का हाल भी यही है। इस हैंडपंप का भी ऊपरी हिस्सा गायब है। सीसी रोड पर सड़क किनारे लगा हैंडपंप पानी तो दे रहा है, लेकिन वह पीने लायक नहीं है। भीखमपुर रोड पर भी पांच साल पहले हैंडपंप लगा था, लेकिन अब वह सिर्फ देखने के काम आता है। आदर्शनगर में भी इंडिया मार्का हैंडपंप काफी दिनों से खराब है। अब्दुल हमीद ने बताया कि हैंडपंप लगने के कुछ ही महीने बाद खराब हो गया। टाउन हॉल के इंदिर गांधी बालिका इंटर कॉलेज परिसर में लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है, जबकि यह स्कूल नगर पालिका के अधीन है। नगर पालिका की अध्यक्ष अलका सिंह ने बताया कि खराब हैंडपंपों की सूची बनवाई जा रही है। जल्द ही इन हैैंडपंपों को सही करा दिया जाएगा।
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लोगों ने बयां किए दर्द
- पोस्टमार्टम चौराहा के पास पान की दुकान चलाने वाले रमेश ने बताया कि एएनएम प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगा हैंडपंप दो साल से खराब है। कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत की गई, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। रामनाथ देवरिया की तीसमती ने बताया कि हैंडपंप लगने के एक साल बाद ही जवाब दे गया। दो साल से हैंडपंप खराब है। कई बार वार्ड सदस्य से शिकायत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष को नगर पालिका चुनाव के दौरान खराब हैंडपंप दिखाया भी गया। उन्होंने हैंडपंप ठीक कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। भीखमपुर रोड के सूरज विश्वकर्मा ने बताया कि उनके मोहल्ले के मुख्य मार्ग पर पांच साल पहले इंडिया मार्का हैंडपंप लगा था। दो-तीन महीने से स्वच्छ पानी आया। इसके बाद हैंडपंप ने पानी देना ही बंद कर दिया। विभागीय ने भी उसपर पेंट से लिख दिया है कि नल का पानी खराब है।
शहर में हैं पानी की नौ टंकियां
देवरिया। शहर में नौ पानी की टंकी हैं। जलकल बिल्डिंग में तीन, स्टेडियम में एक, गोरखपुर ओवरब्रिज के पास कांशीराम आवास में एक, परशुराम चौक पर एक, भुजौली कॉलोनी में एक, सब्जी मंडी में एक, सिंधी मिल कॉलोनी में एक टंकी है।
शहर में 25 वार्ड हैं
देवरिया शहर में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों में करीब 1200 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप लगे हैं। नगर पालिका के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाल में 300 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप का रिबोर कराया गया है। खराब हैंडपंप की सूची उपलब्ध नहीं हैं। विभाग का कहना है कि खराब हैंडपंप का सर्वे कराया जा रहा है।
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शहर के विभिन्न मोहल्लों में करीब 1200 हैंडपंप हैं। इनमें कुछ वार्ड सदस्य कोटे से लगे हैं तो कुछ विधायक निधि से। गर्मी के तल्ख होते तेवर के बीच शहर में पानी की किल्लत को देखते हुए अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को कई मोहल्लों का जायजा लिया। पोस्टमार्टम चौराहा के पास एएनएम प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगे इंडिया मार्का टू हैंडपंप का सिर्फ नीचे का हिस्सा बचा है। हैंडल आदि गायब हैं। इस मार्ग से लोग जिला अस्पताल और कलेक्ट्रेट जाते हैं। पहले यह हैंडपंप राहगीरों का गला तर करने के काम आता था। अब यह खुद प्यासा है।
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रामनाथ देवरिया के मलिन बस्ती में तीसमती के घर के सामने सड़क किनारे लगे हैंडपंप का हाल भी यही है। इस हैंडपंप का भी ऊपरी हिस्सा गायब है। सीसी रोड पर सड़क किनारे लगा हैंडपंप पानी तो दे रहा है, लेकिन वह पीने लायक नहीं है। भीखमपुर रोड पर भी पांच साल पहले हैंडपंप लगा था, लेकिन अब वह सिर्फ देखने के काम आता है। आदर्शनगर में भी इंडिया मार्का हैंडपंप काफी दिनों से खराब है। अब्दुल हमीद ने बताया कि हैंडपंप लगने के कुछ ही महीने बाद खराब हो गया। टाउन हॉल के इंदिर गांधी बालिका इंटर कॉलेज परिसर में लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है, जबकि यह स्कूल नगर पालिका के अधीन है। नगर पालिका की अध्यक्ष अलका सिंह ने बताया कि खराब हैंडपंपों की सूची बनवाई जा रही है। जल्द ही इन हैैंडपंपों को सही करा दिया जाएगा।
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लोगों ने बयां किए दर्द
- पोस्टमार्टम चौराहा के पास पान की दुकान चलाने वाले रमेश ने बताया कि एएनएम प्रशिक्षण केंद्र परिसर में लगा हैंडपंप दो साल से खराब है। कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से शिकायत की गई, मगर सुनवाई नहीं हो रही है। रामनाथ देवरिया की तीसमती ने बताया कि हैंडपंप लगने के एक साल बाद ही जवाब दे गया। दो साल से हैंडपंप खराब है। कई बार वार्ड सदस्य से शिकायत की गई। नगर पालिका अध्यक्ष को नगर पालिका चुनाव के दौरान खराब हैंडपंप दिखाया भी गया। उन्होंने हैंडपंप ठीक कराने का वादा किया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। भीखमपुर रोड के सूरज विश्वकर्मा ने बताया कि उनके मोहल्ले के मुख्य मार्ग पर पांच साल पहले इंडिया मार्का हैंडपंप लगा था। दो-तीन महीने से स्वच्छ पानी आया। इसके बाद हैंडपंप ने पानी देना ही बंद कर दिया। विभागीय ने भी उसपर पेंट से लिख दिया है कि नल का पानी खराब है।
शहर में हैं पानी की नौ टंकियां
देवरिया। शहर में नौ पानी की टंकी हैं। जलकल बिल्डिंग में तीन, स्टेडियम में एक, गोरखपुर ओवरब्रिज के पास कांशीराम आवास में एक, परशुराम चौक पर एक, भुजौली कॉलोनी में एक, सब्जी मंडी में एक, सिंधी मिल कॉलोनी में एक टंकी है।
शहर में 25 वार्ड हैं
देवरिया शहर में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों में करीब 1200 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप लगे हैं। नगर पालिका के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाल में 300 इंडिया मार्का-टू हैंडपंप का रिबोर कराया गया है। खराब हैंडपंप की सूची उपलब्ध नहीं हैं। विभाग का कहना है कि खराब हैंडपंप का सर्वे कराया जा रहा है।