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Deoria News: बासी छोला खाने से बीमार 47 बच्चे हुए डिस्चार्ज, और एक हुआ भर्ती
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती आश्रम पद्धति के बच्चे।संवाद
- अस्पताल में कुल 15 बच्चों का चल रहा इलाज
- बीमार सभी बच्चों की कराई गई ईसीजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में बासी छोला खाने से बीमार मेडिकल कॉलेज में भर्ती 61 बच्चों में 47 के स्वस्थ होने पर बृहस्पतिवार की शाम डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि पेट दर्द, दस्त की शिकायत करने वाले बच्चों का इलाज चल रहा है। वहीं और एक बच्चे को भर्ती किया गया है।
रात-दिन डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी निगरानी कर रहे हैं। सीएमओ, प्राचार्य और सीएमएस सहित अन्य जिम्मेदार वार्ड का निरीक्षण कर जायजा ले रहे हैं। वहीं विशेषज्ञ डॉक्टर भ्रमण कर रहे हैं। परिवहन मंत्री व जिले के प्रभारी दयाशंकर सिंह और जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंच बच्चों का हाल जाना और डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए।
फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चों के इलाज को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। मेडिकल कॉलेज में बने डेंगू वार्ड और अन्य एक वार्ड में 61 बच्चों को भर्ती किया गया। बुधवार की शाम तक करीब 35 बच्चे अपने को स्वस्थ महसूस कर रहे थे। बृहस्पतिवार को विशेषज्ञ डॉ. इकबाल, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. अश्वनी पांडेय आदि ने बच्चों की जांच की, तो 47 बच्चे स्वस्थ मिले। बच्चों ने भी कोई दिक्कत न होने की बात बताई। जबकि 14 बच्चों में किसी ने पेट दर्द, उल्टी, दस्त तो किसी को बुखार चढ़ने-उतरने की शिकायत की। उनकी जांच कराई गई और इलाज जारी रखा गया। जबकि स्वस्थ हुए बच्चों को डिस्चार्ज करने में दोपहर दो बजे से डॉक्टरों की टीम जुट गई। जबकि स्टाफ नर्स बच्चों को देने के लिए दवा का पैकेट तैयार करने लग गई।
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शाम को परिजनों को बच्चों को ले जाने दिया गया। साथ ही उन्हें समय से दवा लेने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई। वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी चौबीस घंटे की जा रही है। जेआर, इंटर्न और स्टाफ नर्स, एमपीडब्ल्यू की ड्यूटी लगाई गई है। देर रात तक सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. अश्वनी पांडेय, प्रभारी मुख्य अधीक्षक डॉ. अजीत पाल थोड़-थोड़ी देर पर भ्रमण करते रहे।
सुबह अधिकांश बच्चे अपने को फिट महसूस कर रहे थे। डॉक्टरों के राउंड लेने के बाद बच्चे आपसे में बात करने में व्यस्त हो गए तो कुछ टहलने लगे। बच्चे जल्द से जल्द घर जाना चाह रहे थे। डिस्चार्ज होने की जानकारी मिलने पर उनके चेहरे खिल गए। परिजन भी जल्द छुट्टी होने का इंतजार कर रहे थे। उधर जिन बच्चों का इलाज अभी चल रहा है उनके परिजन वार्ड के बाहर गैलरी में फर्श पर बैठकर समय काट रहे थे। वह बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे।
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छह बच्चों का अल्ट्रा साउंड और 61 बच्चों की हुई ईसीजी जांच
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों के इलाज में डॉक्टर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिन बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत है, ऐसे छह बच्चाें का अल्ट्रा साउंड भी कराया गया। इसमें अमन पांडेय, शिवम, विशाल, सत्यपाल, नीतेश, प्रिंस शामिल रहे। वहीं भर्ती सभी 61 बच्चों की ईसीजी जांच कराई गई। स्टाफ नर्स हर बेड पर पहुंचीं और सभी बच्चों का ईसीजी कीं।
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बीमार 59 बच्चों का भेजा गया सैंपल
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चों के स्टूल जांच के लिए 59 बच्चों का सैंपल लिया गया। जिसे जांच के लिए भेज गया है। इसकी रिपोर्ट तीन-चार दिन बाद आएगी। इससे इंफेक्शन के बारे में पता चल सकेगा।
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बीमार एक बच्चा भर्ती
देवरिया। बासी छोला खाने से बीमार बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप से दवा लेने के बाद परिजनों के साथ घर चले गए। सलेमपुर क्षेत्र के माड़ोपार निवासी आदित्य यादव पुत्र हरिवंश यादव को भी परिजन विद्यालय से लेकर चले गए थे। उसे पेट दर्द, दस्त, बुखार हो रहा था। दवा कराने पर आराम नहीं मिला और दस्त करने पर ब्लड भी आने लगा। इसके बाद परिजन उसे लेकर बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।
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- अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत में सुधार हुआ है। भर्ती 61 बच्चों में 47 के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। इससे पहले सभी बच्चों की ईसीजी कराई गई। छह बच्चों का अल्ट्रा साउंड कराया गया है। अभी पंद्रह बच्चों का इलाज चल रहा है। उनके पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। विशेषज्ञ डॉक्टर सहित स्टाफ नर्स इलाज में लगे हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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- बीमार सभी बच्चों की कराई गई ईसीजी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में बासी छोला खाने से बीमार मेडिकल कॉलेज में भर्ती 61 बच्चों में 47 के स्वस्थ होने पर बृहस्पतिवार की शाम डिस्चार्ज कर दिया गया। जबकि पेट दर्द, दस्त की शिकायत करने वाले बच्चों का इलाज चल रहा है। वहीं और एक बच्चे को भर्ती किया गया है।
रात-दिन डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी निगरानी कर रहे हैं। सीएमओ, प्राचार्य और सीएमएस सहित अन्य जिम्मेदार वार्ड का निरीक्षण कर जायजा ले रहे हैं। वहीं विशेषज्ञ डॉक्टर भ्रमण कर रहे हैं। परिवहन मंत्री व जिले के प्रभारी दयाशंकर सिंह और जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सुबह मेडिकल कॉलेज पहुंच बच्चों का हाल जाना और डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए।
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फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चों के इलाज को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। मेडिकल कॉलेज में बने डेंगू वार्ड और अन्य एक वार्ड में 61 बच्चों को भर्ती किया गया। बुधवार की शाम तक करीब 35 बच्चे अपने को स्वस्थ महसूस कर रहे थे। बृहस्पतिवार को विशेषज्ञ डॉ. इकबाल, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. अश्वनी पांडेय आदि ने बच्चों की जांच की, तो 47 बच्चे स्वस्थ मिले। बच्चों ने भी कोई दिक्कत न होने की बात बताई। जबकि 14 बच्चों में किसी ने पेट दर्द, उल्टी, दस्त तो किसी को बुखार चढ़ने-उतरने की शिकायत की। उनकी जांच कराई गई और इलाज जारी रखा गया। जबकि स्वस्थ हुए बच्चों को डिस्चार्ज करने में दोपहर दो बजे से डॉक्टरों की टीम जुट गई। जबकि स्टाफ नर्स बच्चों को देने के लिए दवा का पैकेट तैयार करने लग गई।
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शाम को परिजनों को बच्चों को ले जाने दिया गया। साथ ही उन्हें समय से दवा लेने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई। वार्ड में भर्ती मरीजों की निगरानी चौबीस घंटे की जा रही है। जेआर, इंटर्न और स्टाफ नर्स, एमपीडब्ल्यू की ड्यूटी लगाई गई है। देर रात तक सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल, डॉ. आरके श्रीवास्तव, डॉ. अश्वनी पांडेय, प्रभारी मुख्य अधीक्षक डॉ. अजीत पाल थोड़-थोड़ी देर पर भ्रमण करते रहे।
सुबह अधिकांश बच्चे अपने को फिट महसूस कर रहे थे। डॉक्टरों के राउंड लेने के बाद बच्चे आपसे में बात करने में व्यस्त हो गए तो कुछ टहलने लगे। बच्चे जल्द से जल्द घर जाना चाह रहे थे। डिस्चार्ज होने की जानकारी मिलने पर उनके चेहरे खिल गए। परिजन भी जल्द छुट्टी होने का इंतजार कर रहे थे। उधर जिन बच्चों का इलाज अभी चल रहा है उनके परिजन वार्ड के बाहर गैलरी में फर्श पर बैठकर समय काट रहे थे। वह बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे।
छह बच्चों का अल्ट्रा साउंड और 61 बच्चों की हुई ईसीजी जांच
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों के इलाज में डॉक्टर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिन बच्चों के पेट में दर्द की शिकायत है, ऐसे छह बच्चाें का अल्ट्रा साउंड भी कराया गया। इसमें अमन पांडेय, शिवम, विशाल, सत्यपाल, नीतेश, प्रिंस शामिल रहे। वहीं भर्ती सभी 61 बच्चों की ईसीजी जांच कराई गई। स्टाफ नर्स हर बेड पर पहुंचीं और सभी बच्चों का ईसीजी कीं।
बीमार 59 बच्चों का भेजा गया सैंपल
- मेडिकल कॉलेज में भर्ती फूड प्वाइजनिंग के शिकार बच्चों के स्टूल जांच के लिए 59 बच्चों का सैंपल लिया गया। जिसे जांच के लिए भेज गया है। इसकी रिपोर्ट तीन-चार दिन बाद आएगी। इससे इंफेक्शन के बारे में पता चल सकेगा।
बीमार एक बच्चा भर्ती
देवरिया। बासी छोला खाने से बीमार बच्चों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए कैंप से दवा लेने के बाद परिजनों के साथ घर चले गए। सलेमपुर क्षेत्र के माड़ोपार निवासी आदित्य यादव पुत्र हरिवंश यादव को भी परिजन विद्यालय से लेकर चले गए थे। उसे पेट दर्द, दस्त, बुखार हो रहा था। दवा कराने पर आराम नहीं मिला और दस्त करने पर ब्लड भी आने लगा। इसके बाद परिजन उसे लेकर बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया।
- अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत में सुधार हुआ है। भर्ती 61 बच्चों में 47 के स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। इससे पहले सभी बच्चों की ईसीजी कराई गई। छह बच्चों का अल्ट्रा साउंड कराया गया है। अभी पंद्रह बच्चों का इलाज चल रहा है। उनके पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। विशेषज्ञ डॉक्टर सहित स्टाफ नर्स इलाज में लगे हैं।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस