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जमानत खारिज, पूर्व मंत्री एमए लारी समेत तीन को जेल
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देवरिया। फर्जीवाड़ा में फंसे पूर्व मंत्री व बसपा के वरिष्ठ नेता एमए लारी की अंतरिम जमानत शनिवार को खारिज हो गई। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अब सोमवार को फिर से नई जमानत अपील पर सुनवाई होगी।
लार नगर निवासी मुजफ्फर अली लारी ने अपने हिस्से की करीब 10 एकड़ जमीन की देखरेख के लिए 30 दिसंबर 1994 को अपने भाई व पूर्व मंत्री एमए लारी को पॉवर ऑफ एटार्नी दी। लार नगर में इसी जमीन में पूर्व मंत्री ने खुदैजा बीबी मकदूम गर्ल्स डिग्री कॉलेज खोला। आरोप है कि पूर्व मंत्री ने मकबूल अहमद लारी का फर्जी हिब्बानामा बनाकर करीब चार एकड़ जमीन बेच दिया। गुपचुप ढंग से कॉलेज प्रबंध कमेटी से भाई के परिवार के सदस्यों का नाम हटाकर नई कमेटी बना ली। वर्ष 2005 में फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो सलेमपुर कोतवाली में पूर्व मंत्री एमए लारी, मरगूब और फकरुल्लाह अहमद पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। पूर्व मंत्री समेत तीनों आरोपी अंतरिम जमानत पर थे। शनिवार को एसीजेएम ने उसे खारिज कर दिया। इसके कुछ देर बाद आरोपियों ने जिला जज के समक्ष अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया, मगर राहत नहीं मिली। न्यायिक अभिरक्षा में तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब सोमवार को नई अपील पर फिर से सुनवाई होगी। वादी मुजफ्फर अली के अधिवक्ता इस्माइल ने बताया कि अंतरिम जमानत खारिज हुआ है। फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने का आरोप है।
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लार नगर निवासी मुजफ्फर अली लारी ने अपने हिस्से की करीब 10 एकड़ जमीन की देखरेख के लिए 30 दिसंबर 1994 को अपने भाई व पूर्व मंत्री एमए लारी को पॉवर ऑफ एटार्नी दी। लार नगर में इसी जमीन में पूर्व मंत्री ने खुदैजा बीबी मकदूम गर्ल्स डिग्री कॉलेज खोला। आरोप है कि पूर्व मंत्री ने मकबूल अहमद लारी का फर्जी हिब्बानामा बनाकर करीब चार एकड़ जमीन बेच दिया। गुपचुप ढंग से कॉलेज प्रबंध कमेटी से भाई के परिवार के सदस्यों का नाम हटाकर नई कमेटी बना ली। वर्ष 2005 में फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो सलेमपुर कोतवाली में पूर्व मंत्री एमए लारी, मरगूब और फकरुल्लाह अहमद पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। पूर्व मंत्री समेत तीनों आरोपी अंतरिम जमानत पर थे। शनिवार को एसीजेएम ने उसे खारिज कर दिया। इसके कुछ देर बाद आरोपियों ने जिला जज के समक्ष अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया, मगर राहत नहीं मिली। न्यायिक अभिरक्षा में तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब सोमवार को नई अपील पर फिर से सुनवाई होगी। वादी मुजफ्फर अली के अधिवक्ता इस्माइल ने बताया कि अंतरिम जमानत खारिज हुआ है। फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने का आरोप है।
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