फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   देवरिया में कालाजार के 15 मरीज मिले

देवरिया में कालाजार के 15 मरीज मिले

Sat, 16 Sep 2017 10:51 PM IST
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
देवरिया में कालाजार के 15 मरीज मिले
देवरिया। ‘एक्टिव सर्च ऑपरेशन’ के बाद कालाजार के रोगियों में इजाफा हो रहा है। आठ माह में 15 रोगी मिले हैं। रोगियों की संख्या बढ़ने से मलेरिया विभाग सतर्क है। अफसरों ने प्रभावित 20 गांवों को चिह्नित किया है। प्रथम चक्र का छिड़काव भी इन गांवों में हो चुका है।
विज्ञापन

बिहार बॉर्डर से सटे गांवों में कालाजार का प्रकोप बढ़ रहा है। पिछले तीन सालों से मलेरिया विभाग कालाजार रोगियों को चिह्नित कर इलाज करा रहा है। एक जनवरी-2017 से अभी तक प्रभावित 20 गांवों में 15 मरीज मिले हैं। कालाजार से प्रभावित मिश्रौली गांव के संजय पटेल, शशि कुमार, आरती, हरेराम, फूलमती, जगदीशपुर गांव निवासी सती देवी, बसंती देवी, परसिया छितनी गांव निवासी संजय सिंह, रीना देवी, जयप्रकाश कुशवाहा, कौला छापर गांव निवासी सलेहा और उसका बेटा सरफराज, पिपरा बिटठल गांव निवासी धर्मेंद्र, बनकटा शिव गांव निवासी प्रमोद चौहान हैं। इसमें सर्वाधिक प्रभावित गांव बनकटा ब्लॉक के हैं, जो बिहार से बिल्कुल सटा है। बीमारी की चपेट में आए रोगियों का इलाज कुशीनगर में स्थापित ट्रीटमेंट सेंटर पर चल रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह टीम की सक्रियता और बिहार बॉर्डर से सटे हुए गांव बताई जा रही है।
विज्ञापन


कालाजार से प्रभावित गांव
जनपद बनकटा ब्लॉक के मिश्रौली, परसिया छितनी सिंह, जगदीशपुर, नियरवा, पकड़ी, दास नरहिया, जजहड़वा, राजापुर, रहीमपुर, खुरवसिया, बैकुंठपुर, भाटपाररानी ब्लॉक के टड़वा, भटनी ब्लॉक के बनकटा शिव, पिपरा बिट्ठल, भलुअनी ब्लॉक के तरौली, महेन के हरिचरणपुर, देसही देवरिया ब्लॉक के कौला छापर और पथरदेवा ब्लॉक के पथरदेवा बाजार गांव कालाजार बीमारी के मद्देनजर चिन्हित किया गया है। इन गांवों में कालाजार के रोगी मिल चुके हैं। इन गांवों की संख्या 50 हजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन वर्षों में बढ़ा मरीजों का आंकड़ा
कालाजार पर काबू पाने के लिए जिले के डॉक्टर और फार्मेसिस्टों को प्रशिक्षण कराया गया था। लेकिन इसका सेंटर कुशीनगर और देवरिया का संयुक्त रूप से कुशीनगर में बना दिया गया। वर्ष 2014 में कालाजार के दो मरीज, वर्ष 2015 में पांच मरीज और 2016 में 15 कालाजार के मरीज मिले है। 2015 में एक्टिव सर्च टीम सक्रिय हुई और डोर टू डोर प्रभावित गांवों में भ्रमण करना शुरू किया। किट रैपिड के जरिए रोगियों को चिन्हित कर इलाज के लिए कुशीनगर पहुंचा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी एसपी तिवारी ने बताया कि एक्टिव सर्च टीम की सक्रियता के चलते रोगियों की पहचान किट रैपिड के जरिए किया जा रहा है और इनका इलाज कुशीनगर में हो रहा है।



एक रोगी पर खर्च होता 1.50 लाख
कालाजार के एक रोगी पर करीब 1.50 लाख रुपये का खर्च आता है। गरीबी के कारण लोग इलाज नहीं करा पाते हैं। 24 घंटे लगातार ट्रीटमेंट सेंटर कुशीनगर में रोगियों का इलाज होता है। खर्च की जिम्मेदारी सरकार लेती है। बावजूद इसके मरीजों पर टीम की नजर रहती है। इसके पहले एक महीने का दवा खाने का कोर्स चलता था जो शत प्रतिशत कारगर नहीं था।

कालाजार के लक्षण
बुखार अक्सर रूक-रूक कर या तेजी से तथा दोहरी गति से आता है
भूख न लगना, वजन में कमी, शरीर पीलापन और कमजोरी
तेजी से शरीर में खून की कम होना
प्लीहा का तेजी से बढ़ना, नरम और कड़ा होता है
जिगर का बढ़ना लेकिन प्लीहा के इतना नहीं
त्वचा सूखी, पतली और सिल्की होती है और बाल झड़ सकते है
गोरे लोगों का हाथ, पैर, पेट और चेहरे का रंग भूरा हो जाता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed