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माइक्रो लोक अदालत में 336 वादों का निस्तारण

Sun, 18 Oct 2020 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2020 11:18 PM IST
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336 sattelment of promises in micro lok adalat
माइक्रो लोक अदालत में 336 वादों का निस्तारण
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देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को दीवानी न्यायालय सभागार में माइक्रो लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 336 वादों का निस्तारण कर 33,520 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन के साथ फीता काटकर लोक अदालत की शुरुआत की।
लघु आपराधिक वादों के निस्तारण के लिए सुबह दस माइक्रो लोक अदालत शुरू हुआ। स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा लगाए गए कोविड हेल्प डेस्क में जांच के बाद लोगों को सभागार में भेजा गया। माइक्रो लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेंद्र प्रताप द्वारा 104 वाद निस्तारित कर जुर्माने के रूप में 4,430 रुपये वसूले गए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्यकांत धर दूबे ने 117 वादों का निस्तारण कर 26, 510 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किया। सिविल जज एसडी एफटीसी-1 अमित कुमार ने 20 वादों का निस्तारण कर 300 रुपये जुर्माना, न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज गोड़ ने 40 वादों का निस्तारण कर 1200 रुपये जुर्माना वसूल किया। इसी प्रकार अपर सिविल जज जूडी अंकित राज सिंह ने 30 वादों का निस्तारण कर 600 रुपये जुर्माना, अपर सिविल जज जूडी आदित्य जायसवाल ने 17 वादों का निस्तारण कर 340 रुपये जुर्माना तथा अपर सिविल जज जूडी रोहित आनंद ने सात वादों का निस्तारण कर 140 रुपये जुर्माना वसूल किए। सिविल जज जूडी एफटीसी-2 मनोज कुमार यादव ने सुलह-समझौते के आधार पर घरेलू हिंसा के एक वाद का निस्तारण किया और पति-पत्नी को एक साथ रहने के लिए विदा किया। इस दौरान न्यायाधीश, अधिवक्ता, वादाकारी आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत समझ पहुंचे बैंक व अन्य मामलों के फरियादी
माइक्रो लोक अदालत को राष्ट्रीय लोक अदालत समझकर बैंक व अन्य मामलों से संबंधित दर्जनों की संख्या में फरियादी पहुंचे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार मिश्र ने उनके मामलों को सुना और 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान की बात कही।
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ई-लोक अदालत एक नवंबर को
मोटर दुर्घटना व पारिवारिक वादों के निस्तारण के लिए एक नवंबर को ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया है। यह जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश शिवेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि इसमें जनपद न्यायालय में लंबित परिवार के मामले, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा एवं मोटर दुर्घटना के संबंधित वादों का निस्तारण किया जाएगा।
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