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धान रोपाई मशीन का हुआ प्रदर्शन
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:42 PM IST
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भागलपुर के नरियांव गांव में मशीन से धान की रोपाई देखते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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भागलपुर। धान की रोपाई के लिए किसानों को मजदूराें पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई तकनीक की मशीन ने धान रोपाई का कार्य किसानों के लिए आसान कर दिया है। इससे समय की बचत जहां हो रही है वहीं मजदूरों की जरूरत नहीं पड़ेगी। कृषि विभाग से मिले अनुदान पर ब्लॉक के नरियांव गांव निवासी सत्यप्रकाश मिश्र धान की रोपाई के लिए इस मशीन को गांव लाए हैं। बुधवार को इस मशीन का प्रदर्शन हुआ। डीडी कृषि एके मिश्रा ने रोपाई कराकर इसके बारे में किसानों को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि करीब तीन लाख रुपये की इस मशीन पर 50 फीसद विभागीय अनुदान है। इस मशीन से तीन से चार एकड़ जमीन की रोपाई एक दिन में किया जा सकता है। इसमें तीन मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है। मशीन से पौधे से पौधे की दूरी और लाइन से लाइन की दूरी के अनुसार लगाया जा सकता है। इसमें सिंचाई और पानी की कम आवश्यकता होती है। सत्यप्रकाश मिश्रा ने बताया कि नर्सरी के बीज को 13 से 15 दिन में तैयार किया जाता है। समतल जमीन पर प्लास्टिक रखकर आधा इंच मिट्टी डालकर बीज को डालते हैं। ऊपर से तीन दिन तक पानी का छिड़काव किया जाता है। तीन दिन बाद इसकी सिंचाई की जाती है। इस दौरान संतोष चतुर्वेदी, लालजी यादव, कृष्णा, श्रीराम, राजेंद्र उपाध्याय सुनील सिंह, संतोष सिंह, सुरेश चंद, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि करीब तीन लाख रुपये की इस मशीन पर 50 फीसद विभागीय अनुदान है। इस मशीन से तीन से चार एकड़ जमीन की रोपाई एक दिन में किया जा सकता है। इसमें तीन मजदूरों की आवश्यकता पड़ती है। मशीन से पौधे से पौधे की दूरी और लाइन से लाइन की दूरी के अनुसार लगाया जा सकता है। इसमें सिंचाई और पानी की कम आवश्यकता होती है। सत्यप्रकाश मिश्रा ने बताया कि नर्सरी के बीज को 13 से 15 दिन में तैयार किया जाता है। समतल जमीन पर प्लास्टिक रखकर आधा इंच मिट्टी डालकर बीज को डालते हैं। ऊपर से तीन दिन तक पानी का छिड़काव किया जाता है। तीन दिन बाद इसकी सिंचाई की जाती है। इस दौरान संतोष चतुर्वेदी, लालजी यादव, कृष्णा, श्रीराम, राजेंद्र उपाध्याय सुनील सिंह, संतोष सिंह, सुरेश चंद, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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