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घर रुकना नहीं चाहते मेहमान
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:00 PM IST
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भलुअनी। पटखौली गांव में पुरानी पोखरी की साफ-सफाई नहीं होने और गंदगी के ढेर से उठ रही दुर्गंध और उनसे होने वाली बीमारियों को लेकर लोग चिंतित हैं। यहां तक पोखरी के इर्द-गिर्द रहने वालों के घर मेहमान भी दिन या रात गुजारने से कतराते हैं।
आजादी से पूर्व के बने इस पोखरी के बारे में गांव के लोग बताते हैं कि यहां की मिट्टी से कभी कच्ची दीवार खड़ी कर लोग आशियाना बनाए थे। गांव की आबादी करीब दो हजार है और 1200 मतदाता हैं। गांव में सबसे अधिक आबादी ब्राह्मण, दलित, गोंड़, चौहान, क्षत्रिय सहित अन्य जातियों के लोग रहते हैं। गांव के अधिकांश घरों का प्रदूषित पानी पोखरी में गिरता है। पोखरी के आसपास रहने वाले गोबरी चौहान, दिनेश चौहान, प्रमोद पाठक, राधेश्याम, दिनेश, रमेश और अशोक आदि का कहना है कि सरकार खुले में शौच और जलभराव से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। लेकिन पोखरी से उठने वाली दुर्गंध और बीमारियों के प्रति किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। गुलाइची देवी, कमलावती और पुष्पा आदि का कहना है कि पोखरी की साफ-सफाई नहीं होने से घर आने वाले मेहमान भी रुकने की जगह उन्हें जल्दी लगी रहती है। उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि गांव के बीच में जलभराव और उससे उठने वाली दुर्गंध जटिल समस्या है। गांव में जल्द ही स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी और पोखरी के साफ-सफाई का समुचित प्रबंध कराया जाएगा।
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आजादी से पूर्व के बने इस पोखरी के बारे में गांव के लोग बताते हैं कि यहां की मिट्टी से कभी कच्ची दीवार खड़ी कर लोग आशियाना बनाए थे। गांव की आबादी करीब दो हजार है और 1200 मतदाता हैं। गांव में सबसे अधिक आबादी ब्राह्मण, दलित, गोंड़, चौहान, क्षत्रिय सहित अन्य जातियों के लोग रहते हैं। गांव के अधिकांश घरों का प्रदूषित पानी पोखरी में गिरता है। पोखरी के आसपास रहने वाले गोबरी चौहान, दिनेश चौहान, प्रमोद पाठक, राधेश्याम, दिनेश, रमेश और अशोक आदि का कहना है कि सरकार खुले में शौच और जलभराव से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। लेकिन पोखरी से उठने वाली दुर्गंध और बीमारियों के प्रति किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। गुलाइची देवी, कमलावती और पुष्पा आदि का कहना है कि पोखरी की साफ-सफाई नहीं होने से घर आने वाले मेहमान भी रुकने की जगह उन्हें जल्दी लगी रहती है। उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि गांव के बीच में जलभराव और उससे उठने वाली दुर्गंध जटिल समस्या है। गांव में जल्द ही स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी और पोखरी के साफ-सफाई का समुचित प्रबंध कराया जाएगा।
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