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भाई तो आया नहीं, आई मौत की खबर
Updated Thu, 03 Aug 2017 10:31 PM IST
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विनय कुमार राय
खुखुंदू। बहनों से राखी बंधवाने और छोटी बहन की शादी तय करने के लिए अजय कुमार घर आ रहा था, लेकिन नियति को मंजूर नहीं था। घर से कुछ दूरी पर ही ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। खुखुंदू के रुपई गांव के रामबली असम रायफल्स में सूबेदार हैं। उनके तीन बेटों और दो बेटियों में अजय सबसे बड़ा था। वर्ष-2008 में वह भी असम रायफल्स में जवान पद पर भर्ती हो गया। इस समय वह मणिपुर में तैनात था। छोटी बहन नीलम की जिद पर वह राखी बंधवाने घर आ रहा था। परिवारवालों का कहना था कि इस बार छोटी बहन की शादी तय करने और राखी बंधाने आ रहा था। छुट्टी मिलने के बाद वह एक अगस्त को घर के लिए निकला। उसके पास सामान भी था। छोटे भाई अरविंद और अर्जुन उसे लेने के लिए देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर गए थे। दोनों अवध-असम एक्सप्रेस के आने का इंतजार कर रहे थे। ट्रेन आई और चली गई, लेकिन अजय नहीं उतरा। रातभर इधर-उधर तलाश करके घर चले गए। घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह जब परिवारवालों को हुई तो कोहराम मच गया। मां तृप्ती देवी और पत्नी अनीता देवी बेहोश हो गईं। दोनों बहनों पूनम और नीलम का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव और इलाके के लोग घर पहुंचकर सांत्वना देने में लगे थे। गौरतलब है कि अजय की शादी एक वर्ष पहले गोपालगंज के कुटिया बिहार गांव की अनीता से हुई थी। जनवरी में अजय 28 दिन की छुट्टी पर घर आया था। जाते वक्त कहा था कि रक्षाबंधन में घर आएगा और छोटी बहन की शादी तय करके ही जाएगा। कुछ दिन पहले गर्भवती पत्नी अनीता मायके गई थी। वादे के मुताबिक वह घर आ रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह आखिरी यात्रा होगी।
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खुखुंदू। बहनों से राखी बंधवाने और छोटी बहन की शादी तय करने के लिए अजय कुमार घर आ रहा था, लेकिन नियति को मंजूर नहीं था। घर से कुछ दूरी पर ही ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। खुखुंदू के रुपई गांव के रामबली असम रायफल्स में सूबेदार हैं। उनके तीन बेटों और दो बेटियों में अजय सबसे बड़ा था। वर्ष-2008 में वह भी असम रायफल्स में जवान पद पर भर्ती हो गया। इस समय वह मणिपुर में तैनात था। छोटी बहन नीलम की जिद पर वह राखी बंधवाने घर आ रहा था। परिवारवालों का कहना था कि इस बार छोटी बहन की शादी तय करने और राखी बंधाने आ रहा था। छुट्टी मिलने के बाद वह एक अगस्त को घर के लिए निकला। उसके पास सामान भी था। छोटे भाई अरविंद और अर्जुन उसे लेने के लिए देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर गए थे। दोनों अवध-असम एक्सप्रेस के आने का इंतजार कर रहे थे। ट्रेन आई और चली गई, लेकिन अजय नहीं उतरा। रातभर इधर-उधर तलाश करके घर चले गए। घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह जब परिवारवालों को हुई तो कोहराम मच गया। मां तृप्ती देवी और पत्नी अनीता देवी बेहोश हो गईं। दोनों बहनों पूनम और नीलम का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव और इलाके के लोग घर पहुंचकर सांत्वना देने में लगे थे। गौरतलब है कि अजय की शादी एक वर्ष पहले गोपालगंज के कुटिया बिहार गांव की अनीता से हुई थी। जनवरी में अजय 28 दिन की छुट्टी पर घर आया था। जाते वक्त कहा था कि रक्षाबंधन में घर आएगा और छोटी बहन की शादी तय करके ही जाएगा। कुछ दिन पहले गर्भवती पत्नी अनीता मायके गई थी। वादे के मुताबिक वह घर आ रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह आखिरी यात्रा होगी।