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सिपाही को मृत दिखाकर अभिलेखों में हेराफेरी
Updated Sat, 01 Jul 2017 10:39 PM IST
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सलेमपुर। संतकबीरनगर कोतवाली में तैनात सिपाही को मृत दिखाकर भतीजों ने अभिलेखों पर अपना नाम दर्ज करा लिया है। सिपाही जब तहसील से खतौनी निकाला तो अभिलेखों में हेरफेर होने की जानकारी हुई। रिकॉर्ड रूम से भी अभिलेख गायब हो गया है। पीड़ित साक्ष्य के साथ कमिश्नर से शिकायत की है।
तहसील क्षेत्र के भसकरी गांव निवासी सदानंद गौतम पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। इनकी तैनाती इन दिनों संतकबीरनगर कोतवाली में है। 20 जून को सिपाही किसी काम से गांव आया था। उस दौरान उसे खतौनी की जरूरत पड़ी तो वह तहसील पहुंचा और खतौनी निकाला तो इसमें इनका नाम नहीं था। सदानंद को मृत दिखाकर इनके दोनों भतीजों का नाम दर्ज है। यह देख सदानंद भौचक रह गया। तहसील के रिकॉर्ड रूम से अपने नाम के अभिलेख की जानकारी चाही तो कागजात नहीं मिले। सिपाही ने इसकी शिकायत एसडीएम से किया। लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 23 जून को सिपाही ने गोरखपुर कमिश्नर को साक्ष्य के साथ शिकायती पत्र दी। कमिश्नर के आदेश पर डीएम ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए एसडीएम को जांच कर न्याय दिलाने का निर्देश दिया है। अभिलेखों में हेराफेरी करने वाले जिम्मेदारों पर सिपाही ने केस दर्ज करने की मांग की है। तहसील राहुल देव भट्ठ ने बताया कि पत्र मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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तहसील क्षेत्र के भसकरी गांव निवासी सदानंद गौतम पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। इनकी तैनाती इन दिनों संतकबीरनगर कोतवाली में है। 20 जून को सिपाही किसी काम से गांव आया था। उस दौरान उसे खतौनी की जरूरत पड़ी तो वह तहसील पहुंचा और खतौनी निकाला तो इसमें इनका नाम नहीं था। सदानंद को मृत दिखाकर इनके दोनों भतीजों का नाम दर्ज है। यह देख सदानंद भौचक रह गया। तहसील के रिकॉर्ड रूम से अपने नाम के अभिलेख की जानकारी चाही तो कागजात नहीं मिले। सिपाही ने इसकी शिकायत एसडीएम से किया। लेकिन अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 23 जून को सिपाही ने गोरखपुर कमिश्नर को साक्ष्य के साथ शिकायती पत्र दी। कमिश्नर के आदेश पर डीएम ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए एसडीएम को जांच कर न्याय दिलाने का निर्देश दिया है। अभिलेखों में हेराफेरी करने वाले जिम्मेदारों पर सिपाही ने केस दर्ज करने की मांग की है। तहसील राहुल देव भट्ठ ने बताया कि पत्र मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है।
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