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236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अधर में
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लार ब्लाक के चौमुखा गांव में अधूरा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन।
- फोटो : DEORIA
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236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अधर में
तीन विभागों की खींचतान में चार साल बाद भी अधूरे
एक साल में पूरा होना था निर्माण, प्रत्येक के लिए स्वीकृत है 7.52 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन विभागों की खींचतान में जिले में 236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य अधर में है। इन्हें एक साल में बनकर तैयार होना था। चार साल बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कुछ ऐसे भी केंद्र हैं, जहां मंजूरी के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है। लार ब्लॉक में सर्वाधिक 37 भवन अधूरे हैं।
शासन ने एक आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए 7.52 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इसमें चार लाख 46 हजार रुपये मनरेगा से खर्च किया जाना है। एक लाख छह हजार रुपये की लागत से पंचायतराज विभाग शौचालय व पेयजल सुविधा मुहैया कराएगा। जबकि, दो लाख रुपये रंगाई-पुताई, वायरिंग आदि पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से खर्च किया जाना है। तीनों विभागों की खींचतान के चलते 236 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कोई न कोई कार्य अधूरा है। जहां भवन तैयार हैं, वहां शौचालय, पेयजल की व्यवस्था नहीं है, जहां ये दोनों काम हो चुके हैं वहां रंगाई-पुताई और वायरिंग का काम अधूरा है। इस संबंध में डीसी मनरेगा गजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पोर्टल पर अपलोड डाटा के हिसाब से 236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अधूरा है। स्थल पर इनकी संख्या कम है। गरीब कल्याण योजना में इन्हें शामिल कर जल्द ही निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
इनसेट
यहां इतने भवन अधूरे है
ब्लॉक संख्या
तरकुलवा 02
बनकटा 04
भलुअनी 05
बैतालपुर 07
भागलपुर 07
रुद्रपुर 07
भटनी 09
बरहज 11
देसही देवरिया 11
भाटपाररानी 12
गौरीबाजार 19
देवरिया सदर 24
पथरदेवा 27
रामपुर कारखाना 27
सलेमपुर 27
लार 37
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तीन विभागों की खींचतान में चार साल बाद भी अधूरे
एक साल में पूरा होना था निर्माण, प्रत्येक के लिए स्वीकृत है 7.52 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन विभागों की खींचतान में जिले में 236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य अधर में है। इन्हें एक साल में बनकर तैयार होना था। चार साल बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। कुछ ऐसे भी केंद्र हैं, जहां मंजूरी के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया है। लार ब्लॉक में सर्वाधिक 37 भवन अधूरे हैं।
शासन ने एक आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए 7.52 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इसमें चार लाख 46 हजार रुपये मनरेगा से खर्च किया जाना है। एक लाख छह हजार रुपये की लागत से पंचायतराज विभाग शौचालय व पेयजल सुविधा मुहैया कराएगा। जबकि, दो लाख रुपये रंगाई-पुताई, वायरिंग आदि पर बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से खर्च किया जाना है। तीनों विभागों की खींचतान के चलते 236 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कोई न कोई कार्य अधूरा है। जहां भवन तैयार हैं, वहां शौचालय, पेयजल की व्यवस्था नहीं है, जहां ये दोनों काम हो चुके हैं वहां रंगाई-पुताई और वायरिंग का काम अधूरा है। इस संबंध में डीसी मनरेगा गजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि पोर्टल पर अपलोड डाटा के हिसाब से 236 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण अधूरा है। स्थल पर इनकी संख्या कम है। गरीब कल्याण योजना में इन्हें शामिल कर जल्द ही निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।
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इनसेट
यहां इतने भवन अधूरे है
ब्लॉक संख्या
तरकुलवा 02
बनकटा 04
भलुअनी 05
बैतालपुर 07
भागलपुर 07
रुद्रपुर 07
भटनी 09
बरहज 11
देसही देवरिया 11
भाटपाररानी 12
गौरीबाजार 19
देवरिया सदर 24
पथरदेवा 27
रामपुर कारखाना 27
सलेमपुर 27
लार 37