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अनुपस्थित मिले सीएचसी के आठ कर्मचारी
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रुद्रपुर। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसएन सिंह ने मंगलवार को सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी में दुर्व्यवस्था देख उन्होंने मौके पर मौजूद जिम्मेदार लोगों से नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के आठ कर्मचारी अनुपस्थित मिले। औषधि भंडार गृह और मरीज भर्ती कक्ष गंदगी में गंदगी मिली। निरीक्षण के दौरान लोगों ने प्रसूताओं को दोपहर में पौष्टिक भोजन नहीं दिए जाने की शिकायत की।
एसीएमओ दोपहर करीब एक बजे सीएचसी पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने उपस्थिति पंजिका देखी। सीएचसी के आठ कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। वहीं, एक कर्मचारी का कई महीने से फर्जी हस्ताक्षर बनाए जाने की भी जानकारी मिली। उन्होंने अनुपस्थित मिले युगल किशोर, सत्यबीर सिंह, मुकेश कुमार, रश्मि यादव, रागिनी सिंह, नरेश भाटी और अजय यादव से जवाब तलब किया है। औषधि भंडार गृह के निरीक्षण के दौरान दुर्व्यवस्था और गंदगी मिलने पर उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट से नाराजगी जताई। बीपी मशीन और दवाओं का रखरखाव ठीक नहीं मिला। आयुष्मान भारत कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां भर्ती मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली। नवजात शिशु देखभाल कक्ष सक्रिय न किए जाने पर अधीक्षक से इसके कारण के बारे में जानकारी ली। अधीक्षक ने कर्मियों की कमी का हवाला दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों ने प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं में गड़बड़ी शिकायत की। मरीजों ने आरोप लगाया कि प्रसूताओं को पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि गैरहाजिर मिले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दुर्व्यवस्था के लिए जिम्मेेदार लोगों को जवाब तलब किया जाएगा।
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एसीएमओ दोपहर करीब एक बजे सीएचसी पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने उपस्थिति पंजिका देखी। सीएचसी के आठ कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। वहीं, एक कर्मचारी का कई महीने से फर्जी हस्ताक्षर बनाए जाने की भी जानकारी मिली। उन्होंने अनुपस्थित मिले युगल किशोर, सत्यबीर सिंह, मुकेश कुमार, रश्मि यादव, रागिनी सिंह, नरेश भाटी और अजय यादव से जवाब तलब किया है। औषधि भंडार गृह के निरीक्षण के दौरान दुर्व्यवस्था और गंदगी मिलने पर उन्होंने चीफ फार्मासिस्ट से नाराजगी जताई। बीपी मशीन और दवाओं का रखरखाव ठीक नहीं मिला। आयुष्मान भारत कक्ष के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां भर्ती मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली। नवजात शिशु देखभाल कक्ष सक्रिय न किए जाने पर अधीक्षक से इसके कारण के बारे में जानकारी ली। अधीक्षक ने कर्मियों की कमी का हवाला दिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों ने प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं में गड़बड़ी शिकायत की। मरीजों ने आरोप लगाया कि प्रसूताओं को पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि गैरहाजिर मिले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दुर्व्यवस्था के लिए जिम्मेेदार लोगों को जवाब तलब किया जाएगा।
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