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विज्ञापन से कमाई में पूरे मंडल में दूसरे स्थान पर देवरिया नगर पालिका
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देवरिया। फोरलेन निर्माण से सिर्फ सफर ही सुहाना नहीं हुआ, नगर पालिका का खजाना भी भरने लगा है। वित्तीय सत्र 2017-18 में विज्ञापन मद से लाख-पचास हजार की बढ़ोतरी दर्ज कराने वाली पालिका ने इस वर्ष डेढ़ गुना वृद्धि की है। यही कारण है कि विज्ञापनों से कमाई करने में नगर पालिका परिषद देवरिया को मंडल में दूसरा स्थान हासिल हुआ है।
गोरखपुर नगर निगम इस मामले में पहले पायदान पर है। वित्तीय सत्र 2017-18 में विज्ञापन मद से नगर पालिका ने आठ लाख 34 हजार 580 रुपये की आमदनी की थी। इसमें करीब 14 यूनिपोल व 52 होर्डिंग शामिल थे। जुलाई- अगस्त माह से फोरलेन की रफ्तार बढ़ने के साथ ही नगर पालिका की आस भी बढ़ने लगी। दो माह पूर्व पीडब्लूडी ने फोरलेन का खाका तैयार किया तो पालिका कर्मचारी डिवाइडर के बीच यूनिपोल की जगह तलाशने लगे। ओवर ब्रिज से लेकर रूद्रपुर मोड़ तक राजस्व अनुभाग की टीम ने 22 स्थान चिह्नित किए। डिवाइडर बनता गया यूनिपोल लगते गए। फरवरी महीने तक फोरलेन से लगायत अन्य जगहों पर 38 नए यूनिपोल लगा दिए गए। इससे नगर पालिका के विज्ञापन मद में करीब चार लाख रुपये की वृद्घि हुई। इसी तर्ज पर पालिका कर्मचारी शहर के अन्य जगहों पर यूनिपोल के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। होर्डिंग की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
यूनिपोल की ओर बढ़ा विज्ञापन प्रदाताओं का रुझान
तमाम होर्डिंग विज्ञापन की अवधि समाप्त होने से पहले ही तेज हवा से उजड़ जाते हैं। बीते दिनों सदर एसडीएम रहे रामकेश यादव ने कोतवाली चौराहे पर बेतरतीब ढंग से लगे आधा दर्जन से अधिक होर्डिंग उखड़वा दिए। यही कारण था कि विज्ञापन प्रदाता होर्डिंग के माध्यम से प्रचार करने में कतराते थे। अब जब पालिका ने यूनिपोल को स्थाई प्रचार का माध्यम चुना तो तमाम कंपनियों के रुझान बढने लगे। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14 यूनिपोल तक सिमटी नगर पालिका ने 53 जगहों पर यूनिपोल लगवा दिए हैं।
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पुराने वित्तीय वर्षों के मुकाबले 2018-19 में नगर पालिका ने विज्ञापन मद से आय में बेहतर प्रगति की है। शहर में लगे कई अवैध होर्डिंग हटवाए गए। फोरलेन के अलावा 38 नए जगहों पर यूनिपोल लगाए हैं। मौजूदा वित्तीय सत्र में विज्ञापन से 15 लाख आमदनी होने का अनुमान है।
हरिश्चंद्र, राजस्व अधीक्षक नगर पालिका।
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गोरखपुर नगर निगम इस मामले में पहले पायदान पर है। वित्तीय सत्र 2017-18 में विज्ञापन मद से नगर पालिका ने आठ लाख 34 हजार 580 रुपये की आमदनी की थी। इसमें करीब 14 यूनिपोल व 52 होर्डिंग शामिल थे। जुलाई- अगस्त माह से फोरलेन की रफ्तार बढ़ने के साथ ही नगर पालिका की आस भी बढ़ने लगी। दो माह पूर्व पीडब्लूडी ने फोरलेन का खाका तैयार किया तो पालिका कर्मचारी डिवाइडर के बीच यूनिपोल की जगह तलाशने लगे। ओवर ब्रिज से लेकर रूद्रपुर मोड़ तक राजस्व अनुभाग की टीम ने 22 स्थान चिह्नित किए। डिवाइडर बनता गया यूनिपोल लगते गए। फरवरी महीने तक फोरलेन से लगायत अन्य जगहों पर 38 नए यूनिपोल लगा दिए गए। इससे नगर पालिका के विज्ञापन मद में करीब चार लाख रुपये की वृद्घि हुई। इसी तर्ज पर पालिका कर्मचारी शहर के अन्य जगहों पर यूनिपोल के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। होर्डिंग की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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यूनिपोल की ओर बढ़ा विज्ञापन प्रदाताओं का रुझान
तमाम होर्डिंग विज्ञापन की अवधि समाप्त होने से पहले ही तेज हवा से उजड़ जाते हैं। बीते दिनों सदर एसडीएम रहे रामकेश यादव ने कोतवाली चौराहे पर बेतरतीब ढंग से लगे आधा दर्जन से अधिक होर्डिंग उखड़वा दिए। यही कारण था कि विज्ञापन प्रदाता होर्डिंग के माध्यम से प्रचार करने में कतराते थे। अब जब पालिका ने यूनिपोल को स्थाई प्रचार का माध्यम चुना तो तमाम कंपनियों के रुझान बढने लगे। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14 यूनिपोल तक सिमटी नगर पालिका ने 53 जगहों पर यूनिपोल लगवा दिए हैं।
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पुराने वित्तीय वर्षों के मुकाबले 2018-19 में नगर पालिका ने विज्ञापन मद से आय में बेहतर प्रगति की है। शहर में लगे कई अवैध होर्डिंग हटवाए गए। फोरलेन के अलावा 38 नए जगहों पर यूनिपोल लगाए हैं। मौजूदा वित्तीय सत्र में विज्ञापन से 15 लाख आमदनी होने का अनुमान है।
हरिश्चंद्र, राजस्व अधीक्षक नगर पालिका।