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आपके द्वार जाएगा मोबाइल अस्पताल,मिलेगा इलाज
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देवरिया। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। घर बैठे लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा। इसके लिए मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित की जाएगी। सरकारी अस्पताल से दूर के गांव इससे जुड़ेंगे। इन गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंच लोगों का जांच-उपचार कर दवा देगी। इस योजना के पहले चरण में चार सीएचसी को चयनित किया गया है। कागजी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। सिर्फ मेडिकल मोबाइल वैन के आने का इंतजार है।
शहर से दूर ग्रामीण इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं सही तरीके से मुहैया नहीं हो पा रही है। सीएचसी व पीएचसी की अधिक दूरी होने के कारण लोग गांवों में सक्रिय झोलाछाप की शरण में जाने को विवश होते हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश सरकार ने मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन शुरू किया है। इसमें मोबाइल अस्पताल चयनित गांवों में जाकर लोगों के खून की जांच, स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं देगा। जिले को चार मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन मिलेगा। इसके लिए विभाग ने बैतालपुर, सलेमपुर, लार और पथरदेवा सीएचसी को शामिल किया है। सीएचसी से 10 किमी दूर के गांवों का चयन इस योजना में किया गया है। स्थानीय स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग सीएचसी के प्रभारी करेंगे। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से काफी हद तक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। अस्पताल से दूर निवास करने वाले ग्रामीण तक मोबाइल अस्पताल जाकर इलाज करेगा। इस माह के अंत तक जिले को चार मेडिकल मोबाइल यूनिट मिल जाएगा।
एक सीएचसी के अंतर्गत 36 गांव चिह्नित
एक सीएचसी के 36 गांवों को चयनित किया गया है। तीन चरणों में मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन चिह्नित गांवों में जाएगा। गांव के किसी सार्वजनिक स्थान पर यह वैन जाएगा और लोग आकर अपना इलाज कराएंगे।
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चार कर्मचारियों की रहेगी तैनाती
एक मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन में एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एलटी और एक स्टाफ नर्स होंगे। इसके अलावा जिस गांव में वैन जाएगी, वहां की एएनएम और आशा कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगी। वैन पर कर्मचारियों की तैनाती सेवा प्रदाता के माध्यम से होगी।
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शहर से दूर ग्रामीण इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं सही तरीके से मुहैया नहीं हो पा रही है। सीएचसी व पीएचसी की अधिक दूरी होने के कारण लोग गांवों में सक्रिय झोलाछाप की शरण में जाने को विवश होते हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश सरकार ने मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन शुरू किया है। इसमें मोबाइल अस्पताल चयनित गांवों में जाकर लोगों के खून की जांच, स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं देगा। जिले को चार मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन मिलेगा। इसके लिए विभाग ने बैतालपुर, सलेमपुर, लार और पथरदेवा सीएचसी को शामिल किया है। सीएचसी से 10 किमी दूर के गांवों का चयन इस योजना में किया गया है। स्थानीय स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग सीएचसी के प्रभारी करेंगे। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से काफी हद तक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। अस्पताल से दूर निवास करने वाले ग्रामीण तक मोबाइल अस्पताल जाकर इलाज करेगा। इस माह के अंत तक जिले को चार मेडिकल मोबाइल यूनिट मिल जाएगा।
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एक सीएचसी के अंतर्गत 36 गांव चिह्नित
एक सीएचसी के 36 गांवों को चयनित किया गया है। तीन चरणों में मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन चिह्नित गांवों में जाएगा। गांव के किसी सार्वजनिक स्थान पर यह वैन जाएगा और लोग आकर अपना इलाज कराएंगे।
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चार कर्मचारियों की रहेगी तैनाती
एक मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन में एक एमबीबीएस डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एलटी और एक स्टाफ नर्स होंगे। इसके अलावा जिस गांव में वैन जाएगी, वहां की एएनएम और आशा कार्यकर्ता भी सहयोग करेंगी। वैन पर कर्मचारियों की तैनाती सेवा प्रदाता के माध्यम से होगी।