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मदरसा की लाइब्रेरी में होंगी गीता और बाइबिल
Updated Sun, 16 Jul 2017 06:42 PM IST
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देवरिया। इस्लाम समेत अन्य धर्म के बारे में जानने को उत्सुक लोगों के लिए खुशखबरी है। जल्द ही सभी धर्मों की प्रमुख किताबें एक मदरसा के लाइब्रेरी में मिलेंगी। खास बात यह है कि किताबें हिंदी भाषा में उपलब्ध रहेंगी। ताकि इन धर्म के बारे में आसानी से लोग जान सके और जिज्ञासा शांत हो जाए। उलेमाओं की इस पहल से समाज में फैली तमाम भ्रांतियों पर रोक लगेगी।
आपसी सद्भाव और धार्मिक सौहार्द्ध बिगाड़ने के लिए सोशल साइट्स फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। पुलिसिया तंत्र समेत पूरा सिस्टम उनके साजिश को खत्म करने में नाकाम साबित हो रहा है। मेंहाहरंगपुर-बघौचघाट स्थित मरकजी जामियतुल इस्लाम वल कुरआन मदरसा ने एक बेहतर पहल की है। मजलिस-ए-शूरा ने गंगा-जमुनी तहजीब की मजबूती के लिए एक ऐसी लाइब्रेरी बनाने का निर्णय लिया है। यहां पर 200 से अधिक छात्र हॉस्टल में रहकर तालीम हासिल कर रहे हैं, जिन्हें हाफिज ए कुरआन के अलावा मौलाना और मुफ्ती की दस्तार मिलती है। लाइब्रेरी खुलने से इस्लाम के अलावा सभी धर्मों के बारे में छात्रों के साथ आम लोगों को जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। लाइब्रेरी के लिए जगह भी चिन्हित हो गया है। मदरसा के पुरानी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर लाइब्रेरी बनेगी, जिसमें इस्लाम के साथ हिंदू, सिक्ख और इसाई के सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथ और उससे जुड़ी अन्य किताबें रखी जाएंगी। ताकि इन धर्म के बारे में लोगों की जानकारी दुरुस्त हो जाएं।
इनसेट
यह रहेंगी प्रमुख किताबें
कुरआन-हदीस के अलावा तफ्सीर, फिकह, फतवा की प्रमुख किताबें, हिंदू धर्म के ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, और 18 पुराण और 108 उपनिषद जिसमें, श्री मद्भागवत गीता, श्री महाभारत, श्री रामायण के अलावा गुरुग्रंथ साहिब, बाइबिल उपलब्ध रहेगी।
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कोट्स
इस्लाम दूसरे धर्मों की इज्जत की सीख देता है। इसी कड़ी में मदरसा में एक ऐसी लाइब्रेरी बनेगी इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है। इसमें सभी धर्मों की किताबें उपलब्ध रहेगी। यहां पर छात्रों के अलावा आम लोग अध्ययन कर सकेगे। मौलाना नियाज अहमद कासमी, मोहतमिम
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आपसी सद्भाव और धार्मिक सौहार्द्ध बिगाड़ने के लिए सोशल साइट्स फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। पुलिसिया तंत्र समेत पूरा सिस्टम उनके साजिश को खत्म करने में नाकाम साबित हो रहा है। मेंहाहरंगपुर-बघौचघाट स्थित मरकजी जामियतुल इस्लाम वल कुरआन मदरसा ने एक बेहतर पहल की है। मजलिस-ए-शूरा ने गंगा-जमुनी तहजीब की मजबूती के लिए एक ऐसी लाइब्रेरी बनाने का निर्णय लिया है। यहां पर 200 से अधिक छात्र हॉस्टल में रहकर तालीम हासिल कर रहे हैं, जिन्हें हाफिज ए कुरआन के अलावा मौलाना और मुफ्ती की दस्तार मिलती है। लाइब्रेरी खुलने से इस्लाम के अलावा सभी धर्मों के बारे में छात्रों के साथ आम लोगों को जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। लाइब्रेरी के लिए जगह भी चिन्हित हो गया है। मदरसा के पुरानी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर लाइब्रेरी बनेगी, जिसमें इस्लाम के साथ हिंदू, सिक्ख और इसाई के सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथ और उससे जुड़ी अन्य किताबें रखी जाएंगी। ताकि इन धर्म के बारे में लोगों की जानकारी दुरुस्त हो जाएं।
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यह रहेंगी प्रमुख किताबें
कुरआन-हदीस के अलावा तफ्सीर, फिकह, फतवा की प्रमुख किताबें, हिंदू धर्म के ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, और 18 पुराण और 108 उपनिषद जिसमें, श्री मद्भागवत गीता, श्री महाभारत, श्री रामायण के अलावा गुरुग्रंथ साहिब, बाइबिल उपलब्ध रहेगी।
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इस्लाम दूसरे धर्मों की इज्जत की सीख देता है। इसी कड़ी में मदरसा में एक ऐसी लाइब्रेरी बनेगी इसके लिए पहल शुरू कर दी गई है। इसमें सभी धर्मों की किताबें उपलब्ध रहेगी। यहां पर छात्रों के अलावा आम लोग अध्ययन कर सकेगे। मौलाना नियाज अहमद कासमी, मोहतमिम