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दलित दंपती के हत्यारों के करीब पहुंची पुलिस
Updated Wed, 07 Jun 2017 10:52 PM IST
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देवरिया। दलित दंपती की हत्या के 24 घंटे बाद भी पुलिस वजह नहीं खोज पाई। अलबत्ता कातिलों के किरदार की तलाश में पुलिस की आठ टीमें हवा में तीर चला रही है। दोहरे हत्याकांड की मॉनीटरिंग कर रहे एसपी ने कहा कि नामजद आरोपी से पूछताछ चल रही है। इसके अलावा परिवार के आंतरिक मामले, व्यापारिक झगड़े पर नजर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि डबल मर्डर के मोटिव का पता अब तक नहीं चल पाया है।
कोतवाली, पिपरपाती गांव निवासी सत्यनारायण और पत्नी शांति की हत्या के मामले में एएसपी, सीओ, कोतवाल ने करीब पांच घंटे आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पुलिस कातिलों के करीब तक पहुंच गई। सिर्फ उनके किरदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हत्या में नामजद आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की पड़ताल की गई। भैंस का कारोबार करने वाले पुरवां और तिलई बेलवा से जुड़े कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एक-एक कर पुलिस ने सभी से पूछताछ की। सूत्रों का दावा है कि यदि नामजदगी से हटकर पुलिस दूसरे पहलू पर खुलासा करती है तो उसके लिए पुख्ता साक्ष्य की जरूरत होगी। पुलिस की जांच में पता चला है कि कुछ दिन पहले सत्यनारायण और भाइयों में घोठे की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इस बात को किसी ने नहीं बताया। पुलिस का दावा है कि दूसरे जिले में सत्यनारायण ने जमीन बैनामा कराया है। वह परिवार के साथ दूसरी जगह पर शिफ्ट होने वाला था। हत्या के बाद गांव में तनाव है। जातिगत भावना न भड़के इसके लिए पुलिस सतर्क है। घटना के बाबत एसपी राजीव मल्होत्रा ने कहा कि डबल मर्डर के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। करीब दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है। खुलासे में थोड़ा वक्त लगेगा।
जुआरी और शराबियों का उत्पात
सत्यनारायण के बेटे दीपू ने पुलिस को बताया कि घोठे पर दोपहर में कई जुआरी आते थे। सट्टा लगाकर ताश खेलते थे। कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पिपरपाती से भीखमपुर रोड पर शाम होते ही शराबियों का उत्पात शुरू हो जाता है। आए दिन मारपीट, छीनाझपटी की घटनाएं होती हैं।
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कोतवाली, पिपरपाती गांव निवासी सत्यनारायण और पत्नी शांति की हत्या के मामले में एएसपी, सीओ, कोतवाल ने करीब पांच घंटे आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पुलिस कातिलों के करीब तक पहुंच गई। सिर्फ उनके किरदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हत्या में नामजद आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की पड़ताल की गई। भैंस का कारोबार करने वाले पुरवां और तिलई बेलवा से जुड़े कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एक-एक कर पुलिस ने सभी से पूछताछ की। सूत्रों का दावा है कि यदि नामजदगी से हटकर पुलिस दूसरे पहलू पर खुलासा करती है तो उसके लिए पुख्ता साक्ष्य की जरूरत होगी। पुलिस की जांच में पता चला है कि कुछ दिन पहले सत्यनारायण और भाइयों में घोठे की जमीन को लेकर विवाद हुआ था। इस बात को किसी ने नहीं बताया। पुलिस का दावा है कि दूसरे जिले में सत्यनारायण ने जमीन बैनामा कराया है। वह परिवार के साथ दूसरी जगह पर शिफ्ट होने वाला था। हत्या के बाद गांव में तनाव है। जातिगत भावना न भड़के इसके लिए पुलिस सतर्क है। घटना के बाबत एसपी राजीव मल्होत्रा ने कहा कि डबल मर्डर के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। करीब दस लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है। खुलासे में थोड़ा वक्त लगेगा।
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जुआरी और शराबियों का उत्पात
सत्यनारायण के बेटे दीपू ने पुलिस को बताया कि घोठे पर दोपहर में कई जुआरी आते थे। सट्टा लगाकर ताश खेलते थे। कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पिपरपाती से भीखमपुर रोड पर शाम होते ही शराबियों का उत्पात शुरू हो जाता है। आए दिन मारपीट, छीनाझपटी की घटनाएं होती हैं।
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