फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   मासूमों की जिंदगी से यहां भी हो रहा खिलवाड़

मासूमों की जिंदगी से यहां भी हो रहा खिलवाड़

Thu, 20 Jun 2019 11:28 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2019 11:28 PM IST
विज्ञापन
मासूमों की जिंदगी से यहां भी हो रहा खिलवाड़
भीषण गर्मी के चलते जिला महिला अस्पताल में घर से अपना पंखा लेकर पहुंच रहे लोग। अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। मुजफ्फरपुर में ‘चमकी’ बीमारी से मासूमों की मौत के बाद भी देवरिया में स्वास्थ्य महकमा सतर्क नहीं दिख रहा। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू और पीकू वार्ड में भर्ती मासूमों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ चल रहा है। गहन चिकित्सा कक्ष में मासूमों के सेहत की देखभाल कर रही मशीनें बिजली कटौती से बार-बार बंद हो रही हैं। वार्मर बंद होने से जहां तापमान मेंटेंन होने में दिक्कत हो रही है, वहीं कई मशीनें भी रुक जाती हैं। पिछले आठ माह से यह अव्यवस्था बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ चिट्ठी-चिट्ठी खेल रहे हैं।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल को करीब आठ माह से सुचारु रूप से बिजली नहीं मिल रही है। हाटलाइन (24 घंटे आपूर्ति) फीडर का केबल कटने के बाद से दोनों अस्पतालों में सामान्य फीडरों से जोड़कर आपूर्ति दी जा रही है। बार-बार बिजली कटौती होने से जिला महिला अस्पताल में 20 बेड का बना एसएनसीयू (सिंक न्यू बर्न केयर यूनिट) में लगे रेडिएंट वार्मर बंद हो जा रहे हैं। इसकी वजह से वार्मर में रखे गए नवजात का तापमान मेंटेन नहीं हो पा रहा है, जो नवजात के लिए खतरनाक है। एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर और कर्मचारी इसे लेकर चिंतित हैं। वहीं जेनरेटर का पॉवर कम होने से उपकरण नहीं चलते हैं। एसएनसीयू वार्ड में चार एसी लगे हैं, इसमें दो काफी दिनों से खराब हैं। यही हाल जिला अस्पताल के पीकू वार्ड का है। इसमें भी लगे दो एसी खराब हैं और बिजली कटौती से दिक्कतें हो रही है।
विज्ञापन



बिजली कटौती की यह है वजह
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल की आपूर्ति के लिए अलग से फीडर संचालित होता है। 24 घंटे यहां पर बिजली होना अनिवार्य है। कोल्डचेन मेंटेन से लेकर कई जांचें बिजली पर ही आधारित हैं। आठ माह पूर्व फोरलेन निर्माण के दौरान महिला थाने के पास खुदाई के दौरान अस्पताल की ओर जाने वाला अंडरग्राउंड बिजली का केबल कट गया। बिजली निगम इसके लिए पीडब्लूडी को दोषी बताते हुए इसे ठीक कराने की बात कहता है और पीडब्लूडी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ता है। इसी चक्कर में इतने दिनों से अस्पताल फीडर की आपूर्ति प्रभावित है। जिला अस्पताल को न्यू कॉलोनी फीडर और महिला अस्पताल को कचहरी फीडर से जोड़कर आपूर्ति दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



वार्डों में मरीजों ने लगाया पंखा
जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों और प्रसूताओं को गर्मी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। बार-बार बिजली कटौती होने और छत की कुंडी में लगे पंखे की ऊंचाई अधिक होने से बेड तक हवा नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में महिला अस्पताल के वार्डों में प्रसूताएं घर से पंखा लाकर बेड पर लगा रखी हैं, ताकि गर्मी से निजात मिल सके। भुजौली कॉलोनी की प्रसूता नेसबुन्निशा, बरहज बाईपास रोड निवासी राजेश चौरसिया ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को सुचारु रूप से आपूर्ति नहीं मिल रही है। इसके चलते गर्मी में दिक्कते हो रही हैं। मजबूरी में घर से पंखा लाकर लगाया गया है।



एसएनसीयू वार्ड की मशीनें जेनरेटर से नहीं चल पा रही है। सुचारु रूप से बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से दिक्कते बढ़ गई हैं। इसके लिए उच्चाधिकारियों से कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। वार्मर में रखे गए नवजात के साथ बार-बार मशीन बंद होने से कभी भी कुछ भी हो सकता है। - डॉ. माला सिन्हा, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed