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इलाज नहीं मिलने पर अस्पताल में तोड़फोड़

Tue, 18 Jun 2019 12:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:07 AM IST
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इलाज नहीं मिलने पर अस्पताल में तोड़फोड़
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इलाज नहीं मिलने पर पीएचसी में तोड़फोड़
विरोध करने पर एंबुलेंस चालक को पीटा, स्टाफ नर्स के साथ भी बदसलूकी
पूरी रात ठप रही इमरजेंसी सेवा, सीएमओ के आश्वासन के बाद काम पर लौटे
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारखाना। देर रात मरीज को लेकर डुमरी पीएचसी पहुंचे तीमारदारों ने डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर जमकर बवाल किया। लेबर रूम, इमरजेंसी और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। स्टाफ नर्स से भी बदसलूकी का आरोप है। बाद में मरीज को जिला अस्पताल ले गए। घटना से क्षुब्ध चिकित्सकों-कर्मचारियों ने इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दीं। सुबह एसडीएम, सीएमओ और सीओ सिटी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। बवाल करने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर चिकित्सा सेवा बहाल कराई।

डुमरी गांव निवासी चंद्रिका गोड़ (60) की तबीयत बिगड़ने पर रविवार की रात नौ बजे परिजन उन्हें लेकर पीएचसी पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में ताला बंद था और डॉक्टर-कर्मचारी लापता थे। एक घंटे इंतजार के बाद कोई नहीं आया तो लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल में तोड़फोड़ करने लगे। स्टाफ नर्स बेबी भारती ने विरोध किया तो उनके साथ बदसलूकी की गई। कुछ युवक 108 एंबुलेंस के पास पहुंचे और चालक पर मरीज को देवरिया ले चलने का दबाव बनाने लगे। इन्कार पर उसकी पिटाई कर एंबुलेंस का शीशा तोड़ दिए। लोगों का गुस्सा देखकर सहमे चालक ने बाद में मरीज को देवरिया पहुंचाया। करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा चलता रहा। चिकित्सक-कर्मचारी आवासों से बाहर नहीं निकले। घटना से क्षुब्ध होकर उन्होंने दवा-उपचार ठप करते हुए सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सुबह सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार, एसडीएम दिनेश मिश्र, सीओ सिटी वरुण मिश्र पीएचसी पहुंचे। पुलिस ने चार युवकों को हिरासत में लिया तो उनके परिवार की महिलाएं उग्र हो गईं। लोगों का आरोप है कि दिन में दो बजे अस्पताल बंद हो जाता है और फिर दूसरे दिन ही खुलता है। डॉक्टर और कर्मचारी यहां रात को रुकते नहीं हैं। मारपीट करने वालों को पहचानने से डॉक्टर और कर्मचारियों ने इन्कार कर दिया। स्टाफ नर्स और प्रभारी चिकित्सक डॉ. तैयब अली, एंबुलेंस चालक राजकुमार प्रसाद ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि रात को अस्पताल से डॉक्टर और कर्मचारियों का लापता होना गंभीर बात है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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