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जेई
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फोटो समाचार...
बिहार में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौतों के बाद देवरिया में अलर्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर ली तैयारियों की जानकारी, हरकत में आए अफसर
डीएम और सीएमओ ने रुद्रपुर में तीन बेड के पीकू वार्ड का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/रुद्रपुर। बिहार में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत के बाद जिले में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर डीएम और सीएमओ ने रविवार को को रुद्रपुर सीएचसी पर पीकू वार्ड की जांच की। स्वास्थ्य कर्मियों को इंसेफेलाइटिस के मरीज आते ही तत्काल सूचना देने की हिदायत दी। जिले की अन्य सीएचसी और पीएचसी को भी अलर्ट कर दिया गया है। वहीं, शाम को पहुंचे डीएम अमित किशोर ने भी पीकू वार्ड का हाल जाना। जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने 15 बेड के पीकू वार्ड की व्यवस्थाओं को देखा।
जेई का रेड जोन कहे जाने वाले रुद्रपुर के सीएचसी पर पीकू वार्ड बनाया गया है। तीन बेड वाले पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में आधुनिक उपकरणों से जेई और एईएस से ग्रसित बच्चों का इलाज हो रहा है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने पीकू वार्ड में स्वयं बेड पर लेट कर मशीनों की स्थिति को परखा। उन्होंनेे डीफिब्रिलेटर, मल्टी पैरामीटर और वेंटिलेटर की जांच की। पल्स ऑक्सीमीटर पर अपने पल्स की जांच कराई। सीएमओ ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के इलाज को बने पीकू वार्ड में छोटे बच्चे को इंजेक्शन से लेकर सांस लेने तक सभी सुविधाएं और उपकरण ठीक चल रहे हैं। चिकित्सकों को उनके बारे में ट्रेंड कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग जेई और एईएस को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने सीएससी के अधीक्षक को पीकू वार्ड को लेकर सभी सुविधाएं हर समय उपलब्ध रखने को कहा। जरूरत पड़ने पर बाहर से 20 हजार की दवा खरीद की जा सकती है। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. गणेश गुप्ता, डॉ. अमित सिंह, रामदुलारे गोंड, विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
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बिहार में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौतों के बाद देवरिया में अलर्ट
स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर ली तैयारियों की जानकारी, हरकत में आए अफसर
डीएम और सीएमओ ने रुद्रपुर में तीन बेड के पीकू वार्ड का लिया जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया/रुद्रपुर। बिहार में इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत के बाद जिले में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर डीएम और सीएमओ ने रविवार को को रुद्रपुर सीएचसी पर पीकू वार्ड की जांच की। स्वास्थ्य कर्मियों को इंसेफेलाइटिस के मरीज आते ही तत्काल सूचना देने की हिदायत दी। जिले की अन्य सीएचसी और पीएचसी को भी अलर्ट कर दिया गया है। वहीं, शाम को पहुंचे डीएम अमित किशोर ने भी पीकू वार्ड का हाल जाना। जिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने 15 बेड के पीकू वार्ड की व्यवस्थाओं को देखा।
जेई का रेड जोन कहे जाने वाले रुद्रपुर के सीएचसी पर पीकू वार्ड बनाया गया है। तीन बेड वाले पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट में आधुनिक उपकरणों से जेई और एईएस से ग्रसित बच्चों का इलाज हो रहा है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने पीकू वार्ड में स्वयं बेड पर लेट कर मशीनों की स्थिति को परखा। उन्होंनेे डीफिब्रिलेटर, मल्टी पैरामीटर और वेंटिलेटर की जांच की। पल्स ऑक्सीमीटर पर अपने पल्स की जांच कराई। सीएमओ ने कहा कि इंसेफेलाइटिस के इलाज को बने पीकू वार्ड में छोटे बच्चे को इंजेक्शन से लेकर सांस लेने तक सभी सुविधाएं और उपकरण ठीक चल रहे हैं। चिकित्सकों को उनके बारे में ट्रेंड कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग जेई और एईएस को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने सीएससी के अधीक्षक को पीकू वार्ड को लेकर सभी सुविधाएं हर समय उपलब्ध रखने को कहा। जरूरत पड़ने पर बाहर से 20 हजार की दवा खरीद की जा सकती है। इस अवसर पर डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. गणेश गुप्ता, डॉ. अमित सिंह, रामदुलारे गोंड, विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
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