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गर्भ में मृत बच्चे को जिंदा बताकर किया ऑपरेशन, हंगामा
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गर्भ में मृत बच्चे को जिंदा बताकर किया ऑपरेशन, हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। मौत के सौदागर भी इस शहर में कम नहीं। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण सोमवार की रात सामने था। गर्भ में ही दम तोड़ चुके बच्चे का सुरक्षित प्रसव कराने का हवाला देकर निजी अस्पताल गर्भवती का ऑपरेशन कर रुपये ऐंठ लिए। ऑपरेशन के बाद जब बच्चा मृत मिला तो परिजनों ने हंगामा खड़ा कर दिया। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक, अस्पताल के प्रबंधक सहित चार को हिरासत में ले लिया। अवैध तरीके से संचालित अस्पताल को सील कर दिया गया है।
मदनपुर थानाक्षेत्र बरांव गांव निवासी राकेश पांडेय की पत्नी प्रिया पांडेय को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल लाए। पूरे दिन इलाज के बाद जब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट आया तो चिकित्सक ने बच्चे के गर्भ में ही दम तोड़ देने की जानकारी देते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया। इसी दौरान एक फार्मासिस्ट राकेश से मिला और एक प्राइवेट केंद्र पर गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को जिंदा बताकर ऑपरेशन की सलाह देते हुए रामनाथ देवरिया के आभा अस्पताल में ले गया। कुल 50 हजार रुपये खर्च बताते हुए रात करीब 11 बजे महिला का ऑपरेशन किया गया। बच्चा मृत पैदा होने पर घरवालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया। मामला बढ़ता देख अस्पताल संचालक दयाशंकर चौरसिया ने पुलिस को सूचना दी। प्रकरण जानने के बाद पुलिस ने संचालक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूरी रात प्रसूता एक कंपाउंडर के भरोसे अस्पताल में पड़ी रही। मंगलवार की सुबह एसडीएम दिनेश मिश्र और एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह वहां पहुंचे। जांच में अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला। एसडीएम के निर्देश पर फार्मासिस्ट और एक कर्मचारी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। प्राइवेट अस्पताल को सील कर दिया गया है। इस बाबत कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
छह लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया केस
देवरिया। गर्भ में मृत बच्चे को जिंदा बताकर ऑपरेशन करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया है। राकेश की तहरीर पर आभा अस्पताल के संचालक दयानंद चौरसिया, सुशील चौरसिया, शैलेश कुमार तिवारी, राजन सिंह, अनामिका और ऑपरेशन करने वाले कथित डॉक्टर प्रदीप यादव पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उधर, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने भी अस्पताल संचालक दयानंद चौरसिया और प्रदीप यादव के खिलाफ बिना पंजीकरण व डिग्री के अस्पताल चलाने के मामले में जालसाजी की धाराओं के केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
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मदनपुर थानाक्षेत्र बरांव गांव निवासी राकेश पांडेय की पत्नी प्रिया पांडेय को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल लाए। पूरे दिन इलाज के बाद जब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट आया तो चिकित्सक ने बच्चे के गर्भ में ही दम तोड़ देने की जानकारी देते हुए गोरखपुर रेफर कर दिया। इसी दौरान एक फार्मासिस्ट राकेश से मिला और एक प्राइवेट केंद्र पर गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद बच्चे को जिंदा बताकर ऑपरेशन की सलाह देते हुए रामनाथ देवरिया के आभा अस्पताल में ले गया। कुल 50 हजार रुपये खर्च बताते हुए रात करीब 11 बजे महिला का ऑपरेशन किया गया। बच्चा मृत पैदा होने पर घरवालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया। मामला बढ़ता देख अस्पताल संचालक दयाशंकर चौरसिया ने पुलिस को सूचना दी। प्रकरण जानने के बाद पुलिस ने संचालक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूरी रात प्रसूता एक कंपाउंडर के भरोसे अस्पताल में पड़ी रही। मंगलवार की सुबह एसडीएम दिनेश मिश्र और एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह वहां पहुंचे। जांच में अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला। एसडीएम के निर्देश पर फार्मासिस्ट और एक कर्मचारी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। प्राइवेट अस्पताल को सील कर दिया गया है। इस बाबत कोतवाल यादवेंद्र बहादुर पाल ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
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छह लोगों पर पुलिस ने दर्ज किया केस
देवरिया। गर्भ में मृत बच्चे को जिंदा बताकर ऑपरेशन करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने छह लोगों पर केस दर्ज किया है। राकेश की तहरीर पर आभा अस्पताल के संचालक दयानंद चौरसिया, सुशील चौरसिया, शैलेश कुमार तिवारी, राजन सिंह, अनामिका और ऑपरेशन करने वाले कथित डॉक्टर प्रदीप यादव पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में चार लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उधर, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने भी अस्पताल संचालक दयानंद चौरसिया और प्रदीप यादव के खिलाफ बिना पंजीकरण व डिग्री के अस्पताल चलाने के मामले में जालसाजी की धाराओं के केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
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