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नौ दिन में 18 एईएस रोगी मिले,स्वास्थ्य महकमा सतर्क
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:32 PM IST
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देवरिया। मौसम का उतार-चढ़ाव बच्चों पर भारी पड़ रहा है। तेज बुुखार और एईएस की चपेट में तेजी से बच्चे आ रहे हैं। इन दिनों 68 बीमार बच्चे वार्ड में भर्ती है। बेड की कमी कारण एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया गया है। 18 एईएस से पीड़ित हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य महकमा सतर्क है।
जिला अस्पताल में जनवरी 2017 से अभी तक 184 एईएस से पीड़ित बच्चे आए हैं। 13 को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। आईसीयू में सात और चिल्ड्रेन वार्ड में 68 बच्चे भर्ती हैं। 18 बच्चे ईएस से पीड़ित हैं। इनकी खास तौर से निगरानी की जा रही है। अन्य बच्चे तेज बुखार से पीड़ित है। इनका ब्लड जांच कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद बुखार की वजह मालूम होगा। नौ दिनों के अंदर 18 एईएस से पीड़ित बच्चे मिले है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इन बच्चों को डॉक्टर और सिस्टर की पैनी नजर है। जेई/एईएस वार्ड में लगा दो एसी बंद पड़ा है। इसकी वजह से गर्मी हो रही है। बेड पर मौजूद महिलाएं गर्मी से निजात पाने के लिए हाथ के पंखे का इस्तेमाल कर रहती हुई दिखी। ड्यूटी पर मौजूद सिस्टर ने बताया कि दो दिनों से सिर्फ एक एसी चल रहा है। इसके चलते गर्मी हो रही है। बाल रोग चिकित्सक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त के महीने में एईएस और बुखार की चपेट में ज्यादा बच्चे आते है। एईएस से पीड़ित भर्ती बच्चों पर नजर रखी जा रही है।
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जिला अस्पताल में जनवरी 2017 से अभी तक 184 एईएस से पीड़ित बच्चे आए हैं। 13 को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। आईसीयू में सात और चिल्ड्रेन वार्ड में 68 बच्चे भर्ती हैं। 18 बच्चे ईएस से पीड़ित हैं। इनकी खास तौर से निगरानी की जा रही है। अन्य बच्चे तेज बुखार से पीड़ित है। इनका ब्लड जांच कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद बुखार की वजह मालूम होगा। नौ दिनों के अंदर 18 एईएस से पीड़ित बच्चे मिले है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इन बच्चों को डॉक्टर और सिस्टर की पैनी नजर है। जेई/एईएस वार्ड में लगा दो एसी बंद पड़ा है। इसकी वजह से गर्मी हो रही है। बेड पर मौजूद महिलाएं गर्मी से निजात पाने के लिए हाथ के पंखे का इस्तेमाल कर रहती हुई दिखी। ड्यूटी पर मौजूद सिस्टर ने बताया कि दो दिनों से सिर्फ एक एसी चल रहा है। इसके चलते गर्मी हो रही है। बाल रोग चिकित्सक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त के महीने में एईएस और बुखार की चपेट में ज्यादा बच्चे आते है। एईएस से पीड़ित भर्ती बच्चों पर नजर रखी जा रही है।
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