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Deoria News: विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष को धोखे में रख 14 लाख रुपये रिश्तेदार को किया ट्रांसफर

Wed, 17 Apr 2024 04:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 17 Apr 2024 04:35 AM IST
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14 lakh transfered in relative account
सदर विकास खंड के पड़री मल्ल के कंपोजिट विद्यालय का है मामला
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विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में आई 14 लाख 08 हजार 880 रुपये की राशि

भवन प्रभारी ने अध्यक्ष को धोखे में रखकर एकमुश्त पैसे को कराया ट्रांसफर

जानकारी होने पर अध्यक्ष ने पूछा तो धमकाते हुए मुकदमा में फंसा देने की दी धमकी

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। पड़री मल्ल कंपोजिट विद्यालय के भवन प्रभारी पर प्रबंध समिति के खाते में आए 14 लाख 08 हजार 880 रुपये का ट्रांसफर अपने रिश्तेदार के खाते में कराने का मामला प्रकाश में आया है। घटना 28 मार्च की है। इसी दिन प्रबंध समिति के खाते में धनराशि आई। भवन प्रभारी अध्यक्ष व सदस्यों को बिना जानकारी दिए समिति के खाते से अपने एक रिश्तेदार के खाते में एकमुश्त धनराशि स्थानांतरित करा दिया है।
जानकारी होने के बाद जब अध्यक्ष ने पूछा तो उल्टे भवन प्रभारी उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रही हैं। समिति के पैसे की बंदरबांट न हो यह देखकर समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने डीएम व बीएसए को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
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सदर विकास खंड के पड़री मल्ल कंपोजिट विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष मैनुद्दीन अंसारी पुत्र स्व. रज्जाक अंसारी ने समिति के खाते से पैसे को दूसरे खाते में ट्रांसफर होने की सूचना पर डीएम व बीएसए को शुक्रवार को आवेदन दिया। मंगलवार को अध्यक्ष व प्रधान प्रतिनिधि भी इस मामले को लेकर बीएसए से मिले। अध्यक्ष ने बताया कि वह अनपढ़ व्यक्ति हैं। सिर्फ अपना हस्ताक्षर बनाना जानते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए भवन प्रभारी ने समिति के खाते में आए 14 लाख, आठ हजार 880 रुपये उसी दिन अपने रिश्तेदार के खाते में एकमुश्त ट्रांसफर कर दिया।
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बताया कि नियम है कि समिति के खाते में आने वाले पैसे की जानकारी बैठक कर सभी को देनी होती है। साथ ही किस्तवाइज इसका भुगतान फर्म के खाते में होता है। भवन प्रभारी की ओर से इस दौरान न तो बैठक की गई और न ही पैसे की जानकारी दी गई। सीधे उनकी ओर से राशि को दूसरे खाते में भिजवा दिया गया।



भवन निर्माण के लिए बनाया दो रजिस्टर, दोनों में एक ही तिथि को बैठक होना दर्शाया
अध्यक्ष का आरोप है कि भवन प्रभारी सहायक अध्यापिका ने मनमाने तौर पर फर्जी कथनों के आधार पर प्रबंध समिति की बैठक का दो अलग-अलग रजिस्टर तैयार किया है। इसकी जानकारी अध्यक्ष को नहीं थी। 18 जनवरी व सात फरवरी को दोनों रजिस्टर में एक ही तिथि में बैठक दर्शाई गई है। यही नहीं मार्च माह में प्रबंध समिति के खाते में बिना पैसे आए ही भवन प्रभारी ने खाते में पैसा आने का जिक्र किया है। इधर, पैसा आते ही उन्होंने प्रबंध समिति के खाते में आई रकम को अपने रिश्तेदार के खाते में भिजवा दिया।




कोट
मामला संज्ञान में है। इस संबंध में समिति का गठन कर इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, विभागीय नियमों के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए
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