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नारी सशक्तिकरण तभी होगा, जब समाज अपना नजरिया बदले

Sun, 05 May 2019 11:19 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 May 2019 11:19 PM IST
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नारी सशक्तिकरण तभी होगा, जब समाज अपना नजरिया बदले
फोटो समाचार---
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नारी सशक्तीकरण तभी होगा, जब समाज अपना नजरिया बदले
अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत नारी गुद्दीजोर में आयोजित हुई परिचर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
बरियारपुर। रामपुर कारखाना ब्लॉक के गुददीजोर गांव में रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत नारी सशक्तीकरण विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नारी सशक्तीकरण का सबसे प्रमुख माध्यम शिक्षा है। गांव की महिलाएं इसके प्रति जागरूक हुई हैं। अब लोग बच्चों खासकर लड़कियों को को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर भेजने से परहेज नहीं करते। विभिन्न पदों पर गांव की लड़कियों का चयन होना इसका प्रमाण है। इस जागरूकता को आगे भी कायम रखने की जरूरत है। मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य बेनीमाधव पांडेय ने महिलाओं को मतदान की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं के लिए चलाई जा रहीं हेल्पलाइन नंबर 1098, 1090,181 व यूपी100 की विस्तृत जानकारी भी दी। विशिष्ट अतिथि त्रिवेणी गोड़ ने कहा कि अपराजिता अभियान से महिलाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। अपराजिता वे होती हैं, जो कभी हारतीं नहीं। इस दौरान कृष्णा विश्वकर्मा, आशुतोष विश्वकर्मा, अनिल गोड़, अमरनाथ गोड़, भोलू गोड़, आदित्य गोड़, दिनेश गोड़, रूबी, पानमती, इंदु, गीता, अंशु, रुमाली, शिल्पी आदि मौजूद रहीं।
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प्रतिक्रिया
आयोजित होते रहें ऐसे कार्यक्रम
रिशु गोड़ ने कहा कि कार्यक्रम में बेटियों को अधिकारों की जानकारी दी गई। अपराजिता कार्यक्रम महिलाओं के प्रति समाज के सोच को सकारात्मक बना रहा है। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।
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- रिशू गोंड़।

बेटियों का बढे़गा हौसला
अपराजिता अभियान से बेटियों के हौसला बढ़ेगा। वे अपने फैसले खुद लेंगी और आगे बढ़ेंगी। यह कार्यक्रम नारी सशक्तीकरण के क्षेत्र में वरदान साबित होगा।
- अनिता गोंड़।

समाज का नजरिया बदलना होगा
नारी सशक्तीकरण तभी हो पाएगा जब समाज अपना नजरिया बदले। जिन बेटियों को सामाजिक बेड़ियों से मुक्ति मिली उनके हौसले आसमान छू रहे हैं।
- सावित्री देवी।

महिलाओं को अधिकार समझना होगा
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। गांव में कोई महिला डीएम आए तो सभी सम्मान करेंगे, लेकिन खुद की बेटी डीएम बनना चाहे तो उसकी शिक्षा में बाधा बन जाएंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए।
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- नव्या पांडेय।
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