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अफसरों के निरीक्षण में क्रय केंद्रों पर मिली अनियमितताए
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अफसरों के निरीक्षण में क्रय केंद्रों पर अनियमितताए
पीसीएफ के केंद्रों पर नहीं लगा था बैनर, नहीं पहुंच रहा गेहूं
मड़ाई शुरू, नमी होने के कारण किसान केंद्र पर नहीं ला रहे गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। क्रय केंद्रों पर एक भी छटांक गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। अफसरों के निरीक्षण में अधिकांश केंद्रों पर बैनर नहीं लगा था और खामियां मिली। इसमें सर्वाधिक केंद्र पीसीएफ का था। केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई।
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होनी है। इसके लिए 135 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। दो दिन बीतने के बाद भी किसी केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। गेहूं की मड़ाई शुरू हो गई है। गेहूं में नमी होने के कारण किसान अभी केंद्रों पर नहीं ले जा रहे हैं। 10 अप्रैल से गेहूं खरीद में तेजी आने का अनुमान अफसर लगा रहे हैं। मंगलवार को सभी ब्लॉकों में एसएमआई क्रय केंद्रों का स्थलीय सत्यापन किया। पीसीएफ के किसी भी क्रय केंद्र पर बैनर नहीं लगा था और क्रय केंद्र प्रभारी गैर हाजिर थे। सिर्फ एक-एक गांठ बोरा पहुंचा था। 10 अप्रैल तक और बोरे की गांठ आने की उम्मीद है। गेहूं खरीद के लिए शासन से पहली किस्त 13.50 करोड़ रुपये विभाग को मिला है। समय रहते बोरे का इंतजाम नहीं किया गया तो खरीद में जब तेजी आएंगी तब किसानों को परेशान होना पड़ेगा। प्रत्येक वर्ष से अधिक इस वर्ष गेहूं क्रय केंद्र खोला गया है। डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि पीसीएफ का 75 क्रय केंद्र है। किसी केंद्र पर गेहूं खरीद का बैनर नहीं लगा था। कुछ केंद्र बंद मिले। पीसीएफ के डीएस और केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
गेहूं भंडारण के लिए जिले में गोदाम नहीं
गेहूं की पैदावार बेहतर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में भंडारण की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से कुशीनगर अर्जुनहा गेहूं भेजा जाएगा। उसरा बाजार और रघवापुर एफसीआई गोदाम में दो लाख क्विंटल गेहूं रखने की क्षमता है। इसके अलावा सोनूघाट, गौरा, रुद्रपुर बैतालपुर और भटनी चीनी मिल में अस्थाई गेहूं रखने के लिए गोदाम बनाया गया है। पिछले वर्ष भी गोदाम की कमी जिले में पड़ी थी।
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पीसीएफ के केंद्रों पर नहीं लगा था बैनर, नहीं पहुंच रहा गेहूं
मड़ाई शुरू, नमी होने के कारण किसान केंद्र पर नहीं ला रहे गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। क्रय केंद्रों पर एक भी छटांक गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। अफसरों के निरीक्षण में अधिकांश केंद्रों पर बैनर नहीं लगा था और खामियां मिली। इसमें सर्वाधिक केंद्र पीसीएफ का था। केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई।
एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होनी है। इसके लिए 135 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। दो दिन बीतने के बाद भी किसी केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है। गेहूं की मड़ाई शुरू हो गई है। गेहूं में नमी होने के कारण किसान अभी केंद्रों पर नहीं ले जा रहे हैं। 10 अप्रैल से गेहूं खरीद में तेजी आने का अनुमान अफसर लगा रहे हैं। मंगलवार को सभी ब्लॉकों में एसएमआई क्रय केंद्रों का स्थलीय सत्यापन किया। पीसीएफ के किसी भी क्रय केंद्र पर बैनर नहीं लगा था और क्रय केंद्र प्रभारी गैर हाजिर थे। सिर्फ एक-एक गांठ बोरा पहुंचा था। 10 अप्रैल तक और बोरे की गांठ आने की उम्मीद है। गेहूं खरीद के लिए शासन से पहली किस्त 13.50 करोड़ रुपये विभाग को मिला है। समय रहते बोरे का इंतजाम नहीं किया गया तो खरीद में जब तेजी आएंगी तब किसानों को परेशान होना पड़ेगा। प्रत्येक वर्ष से अधिक इस वर्ष गेहूं क्रय केंद्र खोला गया है। डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि पीसीएफ का 75 क्रय केंद्र है। किसी केंद्र पर गेहूं खरीद का बैनर नहीं लगा था। कुछ केंद्र बंद मिले। पीसीएफ के डीएस और केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई है।
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गेहूं भंडारण के लिए जिले में गोदाम नहीं
गेहूं की पैदावार बेहतर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिले में भंडारण की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने से कुशीनगर अर्जुनहा गेहूं भेजा जाएगा। उसरा बाजार और रघवापुर एफसीआई गोदाम में दो लाख क्विंटल गेहूं रखने की क्षमता है। इसके अलावा सोनूघाट, गौरा, रुद्रपुर बैतालपुर और भटनी चीनी मिल में अस्थाई गेहूं रखने के लिए गोदाम बनाया गया है। पिछले वर्ष भी गोदाम की कमी जिले में पड़ी थी।
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