{"_id":"5a354f2a4f1c1b95188ba235","slug":"121513443114-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैसा समाधान दिवस, समस्याएं जस की तस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैसा समाधान दिवस, समस्याएं जस की तस
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
सदर कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस पर तहसीलदार के सामने अपनी बात रखते फरियादी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। कई माह से कुछ फरियादी दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कुछ यही कहानी समाधान दिवस की है। शनिवार को सदर कोतवाली में समाधान दिवस पर कैंप लगाया गया था। यहां आने वाले लोग बार-बार चक्कर लगाकर आजिज आ चुके हैं। कुछ फरियादियों ने तो उम्मीद ही छोड़ दी है। समाधान दिवस पर पुलिस और राजस्व विभाग सुलह तो करा देता हैं, लेकिन गांव पहुंचते ही मामला फिर बिगड़ जाता है। कोटवा के एक फरियादी तीन माह से पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। किसी ने उनके बैंक खाते से तीन लाख 38 हजार रुपये निकाल लिया है। पहले तो पुलिस केस ही नहीं दर्ज कर रही थी। एसपी के पास शिकायत लेकर पहुंचने पर केस दर्ज हुआ। अब वह न्याय के लिए भटक रहा है। छितरूंवा के गोरख का कहना है कि गांव में वह मकान का निर्माण करा रहे थे। कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज कराकर निर्माण रोकवा दिया है। समाधान दिवस पर दोनों पक्षों को सदर कोतवाली बुलाया गया था। फिर भी कोई हल नहीं निकल पाया। सकरापार की रहने वाली दिव्यांग किरन ने 2010 में सकरापार में ही जमीन खरीदी थी। मकान निर्माण के दौरान पिलर खड़े हो रहे थे। किरन का कहना है कि एक व्यक्ति ने निर्माण बंद करा दिया। तब से लेकर आज तक वह समस्या के समाधान के लिए अफसरों के पास चक्कर लगा रही हैं, कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है। भुजौली कॉलोनी की नसीरुनिशा सास, ससुर और जेठ की प्रताड़ना से तंग हैं। उनका कहना है कि पति नदीम अहमद सऊदी में रहते हैं। वह गोरखपुर में पढ़ाई कर रही हैं। बंटवारे में मिले हिस्से में सास, ससुर और जेठ ने ताला बंद कर दिया है। उसे घर में घुसने नहीं दिया जा रहा है। 2010 में उसकी शादी हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद से ही उसके साथ नाइंसाफी होने लगी। सदर कोतवाल सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि समाधान दिवस पर आने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। हर केस का समाधान करने का प्रयास किया जाता है। मामले वही अटकते हैं जो अमूमन घरेलू होते हैं।
एक साल में आए 186 मामले
सदर कोतवाली में समाधान दिवस पर एक साल के भीतर 186 मामले आए हैं। इंस्पेक्टर सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि 6-7 मामलों को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी का समाधान हो चुका है। शनिवार को एक बजे तक आठ केस आए थे। इनमें अधिकांश जमीन से जुड़े थे। सदर तहसीलदार रामसहाय दुबे ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मौके पर मौजूद लेखपालों को जमीन से जुड़े मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई इंस्पेक्टर ने की।
व्हाट्सएप में व्यस्त थीं लेखपाल
हाल ही में भर्ती हुईं महिला लेखपालों की ड्यूटी समाधान दिवस पर लगी थी। एक-दो घंटे तक वह बैठकर कार्रवाई देखती रहीं। इसके बाद व्हाट्सएप चलाने में व्यस्त हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक साल में आए 186 मामले
सदर कोतवाली में समाधान दिवस पर एक साल के भीतर 186 मामले आए हैं। इंस्पेक्टर सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि 6-7 मामलों को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी का समाधान हो चुका है। शनिवार को एक बजे तक आठ केस आए थे। इनमें अधिकांश जमीन से जुड़े थे। सदर तहसीलदार रामसहाय दुबे ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मौके पर मौजूद लेखपालों को जमीन से जुड़े मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई इंस्पेक्टर ने की।
विज्ञापन
व्हाट्सएप में व्यस्त थीं लेखपाल
हाल ही में भर्ती हुईं महिला लेखपालों की ड्यूटी समाधान दिवस पर लगी थी। एक-दो घंटे तक वह बैठकर कार्रवाई देखती रहीं। इसके बाद व्हाट्सएप चलाने में व्यस्त हो गईं।
विज्ञापन