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वकीलों के समर्थन सपाइयों ने निकाला मौन जुलूस
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:50 PM IST
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देवरिया। वकीलों के समर्थन में सपाइयों ने मौन जुलूस निकाला। एसडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंप वकीलों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि एसपी राकेश शंकर प्रतिशोध की भावना से काम कर रहे हैं। वकीलों का कुसूर सिर्फ इतना है कि वे संपूर्ण समाधान दिवस पर अधिवक्ता साथी के जमीन पर हुए कब्जे को खाली कराने की मांग करने गए थे।
गुरुवार को सपा कार्यकर्ताओं की जुटान सुभाष चौक पर हुआ। यहां से समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर गुप्ता ने नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला। सपा कार्यकर्ताओं मुंह पर काली पट्टी बांधे थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तबसे प्रबुद्घ वर्ग, अधिवक्ता और विरोधी दलों के नेताओं के उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हुआ है। दुर्व्यवहार भी होने लगे हैं। प्रशासनिक अफसर बेलगाम हो गए हैं। पुलिस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बदले की भावना से काम कर रही है। अधिवक्ताओं का स्वतंत्रता से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका रही है। अब उन्हीं का उत्पीड़न शुरू हो गया है। सरकार के खिलाफ विरोध का आवाज उठाने वालों को लाठी-डंडे से मारा जा रहा है। जुलूस में नासिर खान, अर्जुन यादव, सन्नी गोंड़, ब्रह्माशंकर पांडेय, प्रभात यादव, अनिल प्रसाद, अमर नाथ यादव, अजय यादव आदि शामिल रहे।
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गुरुवार को सपा कार्यकर्ताओं की जुटान सुभाष चौक पर हुआ। यहां से समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष धर्मवीर गुप्ता ने नेतृत्व में मौन जुलूस निकाला। सपा कार्यकर्ताओं मुंह पर काली पट्टी बांधे थे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है, तबसे प्रबुद्घ वर्ग, अधिवक्ता और विरोधी दलों के नेताओं के उत्पीड़न की घटनाओं में इजाफा हुआ है। दुर्व्यवहार भी होने लगे हैं। प्रशासनिक अफसर बेलगाम हो गए हैं। पुलिस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बदले की भावना से काम कर रही है। अधिवक्ताओं का स्वतंत्रता से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका रही है। अब उन्हीं का उत्पीड़न शुरू हो गया है। सरकार के खिलाफ विरोध का आवाज उठाने वालों को लाठी-डंडे से मारा जा रहा है। जुलूस में नासिर खान, अर्जुन यादव, सन्नी गोंड़, ब्रह्माशंकर पांडेय, प्रभात यादव, अनिल प्रसाद, अमर नाथ यादव, अजय यादव आदि शामिल रहे।
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