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उपेक्षाओं का दंश झेल रहा बाबा राघव दास उद्यान

Sun, 19 Nov 2017 10:37 PM IST
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:37 PM IST
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उपेक्षाओं का दंश झेल रहा बाबा राघव दास उद्यान
बरहज के अटल तिराहा पर उपेक्षित बाबा राघव दास उद्यान और उस पर लगा शिलापट्ट - फोटो : अमर उजाला
बरहज। नगर स्थित अटल तिराहे के समीप नगर पालिका की ओर से बनवाया गया बाबा राघवदास उद्यान उपेक्षाओं का दंश झेल रहा है। इसमें फूलों की खुुशबू की जगह फैली गंदगी की दुर्गंध के कारण लोग अंदर जाने से कतराते हैं। उद्यान का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान सबसे पुरानी नगर पालिका गौरा-बरहज की पहचान शीरा और लौह व्यापार से थी। यहां की बनी लोहे की वस्तुएं आदि मशहूर थी, जबकि नगर को अनंत महाप्रभु का आश्रम, बाबा राघवदास कर्मस्थली और रामप्रसाद बिस्मिल की समाधि स्थल के लिए भी जाना जाता है। 1960 के दशक में पालिका की ओर से बाबा राघवदास उद्यान का प्रस्ताव हुआ था। तत्कालीन चेयरमैन विश्वनाथ त्रिपाठी और सचिव इंद्रजीत सिंह के देखरेख में यह उद्यान बनकर तैयार हुआ था। जिसका उद्घाटन 31 जनवरी 1969 को देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने की। लोगों का कहना है कि उद्यान में फूल पत्तियों के अभाव और बैठने आदि की व्यवस्था न होने से लोग उद्यान में जाना उचित नहीं समझते हैं। दुकानदार मंगल जायसवाल और मुन्ना लाल का कहना है कि महत्वपूर्ण पर्वों पर नगर के एकाध सम्मानित लोग इकट्ठा हो जाते हैं। फिलहाल उद्यान में और आसपास फैली गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिसके चलते उद्यान नगर की शोभा बढ़ाने की बजाय खुद पर आंसू बहा रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि पालिका प्रशासन को निर्देशित कराकर उद्यान की साफ-सफाई कराई जाएगी। पार्क के सौंदर्यीकरण का भी कार्य किया जाएगा।
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