{"_id":"5fa8339b8ebc3e9c0873e845","slug":"10-prisoners-including-sent-to-non-distric-deoria-news-gkp3725819144","type":"story","status":"publish","title_hn":"शातिर तार बाबू सहित 10 बंदियों को गैर जनपदों में भेजा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शातिर तार बाबू सहित 10 बंदियों को गैर जनपदों में भेजा गया
विज्ञापन
शातिर तार बाबू सहित 10 बंदियों को गैर जनपदों में भेजा गया
देवरिया। जिले के कुख्यात बदमाश एवं जिला जेल में बंद तार बाबू यादव समेत 10 बंदियों का प्रशासनिक आधार पर प्रदेश के अन्य जेलों में तबादला कर दिया गया है। कई को पश्चिमी जिलों के जेलों में भेजा गया है।
बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर बहियारी खड़वा टोला निवासी तारबाबू पर लूट, हत्या सहित अन्य अपराधों के कई मामले सलेमपुर कोतवाली, भाटपाररानी एवं बनकटा थाने में दर्ज हैं। कुछ वर्षों पूर्व सलेमपुर कोतवाली में तैनात रहे एक दरोगा को अपने साथियों संग वह जीप से घसीटते हुए जान से मारने का प्रयास करने के दौरान उसका नाम चर्चा में आया था। तीन माह पूर्व मऊ जेल से पेशी के दौरान वह एक रात के लिए अपने घर भी सिपाहियों संग चला आया था। रात भर वह घर पर रहा भी।
सुबह में जिले की पुलिस को जैसे ही भनक मिली तो उन्होंने उसके घर पर छापा मारा। हालांकि वह पकड़ में नहीं आया और फरार हो गया। इस मामले में लापरवाही पर आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था। बनकटा थाने में दर्ज एक लूट के मामले में उसने सरेंडर किया था। बीच में वह कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर भी आया था। इस समय वह जिला जेल में बंद चल रहा था। जिला जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि तारबाबू समेत देवरिया व कुशीनगर जनपद के 10 कुख्यात बंदियों को प्रशासनिक आधार पर प्रदेश के अन्य जेलों में भेजा गया है। इन सभी को अलग-अलग जेलों में रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। जिले के कुख्यात बदमाश एवं जिला जेल में बंद तार बाबू यादव समेत 10 बंदियों का प्रशासनिक आधार पर प्रदेश के अन्य जेलों में तबादला कर दिया गया है। कई को पश्चिमी जिलों के जेलों में भेजा गया है।
बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर बहियारी खड़वा टोला निवासी तारबाबू पर लूट, हत्या सहित अन्य अपराधों के कई मामले सलेमपुर कोतवाली, भाटपाररानी एवं बनकटा थाने में दर्ज हैं। कुछ वर्षों पूर्व सलेमपुर कोतवाली में तैनात रहे एक दरोगा को अपने साथियों संग वह जीप से घसीटते हुए जान से मारने का प्रयास करने के दौरान उसका नाम चर्चा में आया था। तीन माह पूर्व मऊ जेल से पेशी के दौरान वह एक रात के लिए अपने घर भी सिपाहियों संग चला आया था। रात भर वह घर पर रहा भी।
विज्ञापन
सुबह में जिले की पुलिस को जैसे ही भनक मिली तो उन्होंने उसके घर पर छापा मारा। हालांकि वह पकड़ में नहीं आया और फरार हो गया। इस मामले में लापरवाही पर आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था। बनकटा थाने में दर्ज एक लूट के मामले में उसने सरेंडर किया था। बीच में वह कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर भी आया था। इस समय वह जिला जेल में बंद चल रहा था। जिला जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि तारबाबू समेत देवरिया व कुशीनगर जनपद के 10 कुख्यात बंदियों को प्रशासनिक आधार पर प्रदेश के अन्य जेलों में भेजा गया है। इन सभी को अलग-अलग जेलों में रखा जाएगा।
विज्ञापन