{"_id":"692c889189c3cc873b03bd7d","slug":"10-hours-of-uproar-for-compensation-on-the-death-of-accountant-deoria-news-c-208-1-sgkp1012-169071-2025-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: लेखपाल की मौत पर मुआवजे के लिए 10 घंटे हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: लेखपाल की मौत पर मुआवजे के लिए 10 घंटे हंगामा
Sun, 30 Nov 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:40 PM IST
विज्ञापन
मृत लेखपाल के घर पहुंचे एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार व भीड़, फोटो संवाद
सलेमपुर। लेखपाल आशीष कुमार का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार की भोर में उनके घर धनगढ़ा के बरवां टोला पहुंचा। परिवार और जिले भर से जुटे लेखपालों ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से रोक दिया।
मौके पर एडीएम की अगुवाई में पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। प्रशासन और लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक होती रही। वहीं ग्रामीण भी आक्रोशित थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे सहमति बनने पर सरयू नदी के किनारे भागलपुर के कालीचरण घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। धनगढ़ा बरवां टोला गांव के रहने वाले आशीष कुमार (35 वर्ष) तहसील क्षेत्र के रेवली कानूनगो सर्किल में बलिया उत्तर व दक्षिण के लेखपाल पद पर तैनात थे। शुक्रवार को लेखपालों की हड़ताल की वजह से वो ड्यूटी पर नहीं गए थे। इस दौरान आशीष की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर ले जाया गया। वहां हालत गंभीर देख परिजन उनको लेकर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां से परिजन उन्हें शुक्रवार की देर रात गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां शनिवार की दोपहर में निजी अस्पताल में ही इलाज के दौरान आशीष की मौत हो गई। पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार भोर में लेखपाल का शव उनके घर ले पहुंचा। शव पहुंचने की खबर मिलते ही सुबह 6 बजे जिले के लेखपाल अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ पहुंच गए। संगठन व परिवार के लोगों ने नौकरी व पांच करोड़ रुपये आर्थिक सहायता साथ ही ड्यूटी के दौरान मौत की बात लिखकर देने की मांग शुरू कर दी। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सभी लेखपाल एसआईआर काम में लगाए गए हैं। आरोप है कि लेखपाल आशीष के तबीयत भी एसआईआर का काम करने के दौरान ही बिगड़ी।
शव आने की जानकारी होने पर एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह, एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह मौके पर पहुंचीं और परिजनों को सांत्वना दी। उधर, लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने एसआईआर को लेकर अफसरों पर प्रताड़ना का आरोप लगाना शुरू कर दिया। वे आशीष की मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान होने की बात लिखित रूप से मांगने लगे। वहीं प्रशासनिक अफसरों का कहना था कि लेखपाल बीमार थे। लेखपाल से एसआईआर में सहयोग लिया जा रहा था। इसको लेकर करीब नौ घंटों तक प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच खींचतान चलती रही।
विज्ञापन
अंत में एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद परिवार के लोग दोपहर बाद तीन बजे शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। एडीएम ने मौखिक आश्वासन दिया कि परिजन और लेखपाल संघ की मांग पत्र उच्चाधिकरियों के माध्यम से शासन तक पहुंचाया जाएगा। मृतक लेखपाल की पत्नी कंचन देवी ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र एडीएम प्रशासन को दिया। इसमें परिवार के सदस्य को नौकरी और पांच करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की मांंग की।
विज्ञापन
मौके पर एडीएम की अगुवाई में पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। प्रशासन और लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के बीच नोकझोंक होती रही। वहीं ग्रामीण भी आक्रोशित थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे सहमति बनने पर सरयू नदी के किनारे भागलपुर के कालीचरण घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। धनगढ़ा बरवां टोला गांव के रहने वाले आशीष कुमार (35 वर्ष) तहसील क्षेत्र के रेवली कानूनगो सर्किल में बलिया उत्तर व दक्षिण के लेखपाल पद पर तैनात थे। शुक्रवार को लेखपालों की हड़ताल की वजह से वो ड्यूटी पर नहीं गए थे। इस दौरान आशीष की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर ले जाया गया। वहां हालत गंभीर देख परिजन उनको लेकर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां से परिजन उन्हें शुक्रवार की देर रात गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां शनिवार की दोपहर में निजी अस्पताल में ही इलाज के दौरान आशीष की मौत हो गई। पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार भोर में लेखपाल का शव उनके घर ले पहुंचा। शव पहुंचने की खबर मिलते ही सुबह 6 बजे जिले के लेखपाल अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ पहुंच गए। संगठन व परिवार के लोगों ने नौकरी व पांच करोड़ रुपये आर्थिक सहायता साथ ही ड्यूटी के दौरान मौत की बात लिखकर देने की मांग शुरू कर दी। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सभी लेखपाल एसआईआर काम में लगाए गए हैं। आरोप है कि लेखपाल आशीष के तबीयत भी एसआईआर का काम करने के दौरान ही बिगड़ी।
विज्ञापन
शव आने की जानकारी होने पर एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह, एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव और तहसीलदार अलका सिंह मौके पर पहुंचीं और परिजनों को सांत्वना दी। उधर, लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने एसआईआर को लेकर अफसरों पर प्रताड़ना का आरोप लगाना शुरू कर दिया। वे आशीष की मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान होने की बात लिखित रूप से मांगने लगे। वहीं प्रशासनिक अफसरों का कहना था कि लेखपाल बीमार थे। लेखपाल से एसआईआर में सहयोग लिया जा रहा था। इसको लेकर करीब नौ घंटों तक प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच खींचतान चलती रही।
विज्ञापन
अंत में एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद परिवार के लोग दोपहर बाद तीन बजे शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। एडीएम ने मौखिक आश्वासन दिया कि परिजन और लेखपाल संघ की मांग पत्र उच्चाधिकरियों के माध्यम से शासन तक पहुंचाया जाएगा। मृतक लेखपाल की पत्नी कंचन देवी ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र एडीएम प्रशासन को दिया। इसमें परिवार के सदस्य को नौकरी और पांच करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की मांंग की।