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Chitrakoot News: बिजली के खंभों पर तारों का जाल, जानलेवा खतरा
Sun, 03 May 2026 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 03 May 2026 01:38 AM IST
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चित्रकूट। शहरी क्षेत्र में बिजली के खंभों पर तारों का जाल फैला है। यह जाल आम नागरिकों और बिजली कर्मचारियों दोनों के लिए जानलेवा खतरा बन गया है। बिजली के तारों के साथ इंटरनेट और अन्य केबलें भी बेतरतीब ढंग से खंभों पर लटकी हुई हैं।
इस अव्यवस्था के कारण आए दिन शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाएं होती हैं। शहर के स्टेशन सड़क, नई बाजार और पुरानी बाजार जैसे प्रमुख इलाकों में तारें राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। इन तारों को किसी भी मानक का पालन किए बिना खंभों से बांधा गया है। इससे बिजली आपूर्ति में भी बार-बार बाधा उत्पन्न होती है।
स्थानीय नागरिकों ने ढीले और नीचे लटकते तारों से दुर्घटना और आग के खतरे पर चिंता जताई। राजू तिवारी ने बताया कि उलझे हुए तारों के बीच काम करते समय करंट लगने और गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त, फॉल्ट का पता लगाने में भी काफी समय लगता है, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल होने में देरी होती है।
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विभाग का आश्वासन
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार कश्यप ने इस समस्या पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ऐसे अभियान समय-समय पर चलाता है। इन अभियानों के तहत खंभों पर लगी अनावश्यक तारों और केबलों को हटाया जाता है। सुरेंद्र कुमार कश्यप ने इस गंभीर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है।
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इस अव्यवस्था के कारण आए दिन शॉर्ट सर्किट और आग लगने की घटनाएं होती हैं। शहर के स्टेशन सड़क, नई बाजार और पुरानी बाजार जैसे प्रमुख इलाकों में तारें राहगीरों के लिए खतरा बन गई हैं। इन तारों को किसी भी मानक का पालन किए बिना खंभों से बांधा गया है। इससे बिजली आपूर्ति में भी बार-बार बाधा उत्पन्न होती है।
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स्थानीय नागरिकों ने ढीले और नीचे लटकते तारों से दुर्घटना और आग के खतरे पर चिंता जताई। राजू तिवारी ने बताया कि उलझे हुए तारों के बीच काम करते समय करंट लगने और गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त, फॉल्ट का पता लगाने में भी काफी समय लगता है, जिससे बिजली आपूर्ति बहाल होने में देरी होती है।
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विभाग का आश्वासन
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार कश्यप ने इस समस्या पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ऐसे अभियान समय-समय पर चलाता है। इन अभियानों के तहत खंभों पर लगी अनावश्यक तारों और केबलों को हटाया जाता है। सुरेंद्र कुमार कश्यप ने इस गंभीर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है।