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गांवों से गेहूं खरीद का आंकड़ा शून्य
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ोटो- 2- गेहूं खरीद केंद्र में सन्नाटा, आराम से बैठे गोदाम प्रभारी। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। गांव-गांव जाकर गेहूं खरीदने की योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पाई है। अभी तक एक भी गांव में जाकर गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी है। इसके पीछे की वजह एक साथ 100 क्विंटल गेहूं इकट्ठा करने की बाध्यता बताई जा रही है।
करीब पंद्रह दिन पहले शासन की तरफ से आदेश आया था कि खाद्य विपणन विभाग गांव-गांव जाकर गेहूं की खरीद करे। शर्त यह लगा दी गई थी कि यदि किसान 100 क्विंटल गेहूं अपने गांव में एक ही स्थान पर एकत्र कर बेचने के लिए तैयार हों तब ही कर्मचारी गेहूं खरीदने के लिए जाएंगे। अभी तक इस योजना के तहत जिले के एक भी गांव से खरीद नहीं हुई है।
कर्वी माफी के अशोक सिंह, शरन सिंह, सिद्धपुर के कुंवर बहादुर, बनाड़ी के नृपेंद्र सिंह का कहना है कि 100 क्विंटल की बाध्यता के चलते वे गेहूं की बिक्री विपणन विभाग को नहीं कर पा रहे हैं। छोटे किसानों के पास इतना गेहूं नहीं है।
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शासन से निर्देश मिला है कि यदि गांवों में 100 क्विंटल गेहूं किसान बेचने के लिए कर लें तो मौके पर जाकर गेहूं खरीद लिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों में सूचना भी भेजी गई पर आज तक किसी गांव में 100 क्विंटल गेहूं एकत्र नहीं किया गया।
- संजय श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
4359.373 मीट्रिक टन हुई खरीद
कुल 37 केंद्रों में अभी तक 4359.373 मीट्रिक टन खरीद हुई है। कुल 1260 किसानों ने गेहूं बेचा है। जिले में 32 हजार एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है।
ये हैं मुख्य खरीद केंद्र
जिले में कुल 37 केंद्रों से गेहूं की खरीद की जा रही है। इनमें मुख्य साधन सहकारी समिति रामनगर, मानिकपुर, रूखमाखुर्द, शिवरापुर, भरतपुर, रामपुर, खोह, छीबो, चकौंध, राजापुर, भौरी, सरधुवा, शाखा गल्लामंडी, पहाड़ी बुजुर्ग, सरटह, चकौंध, पहाड़ी उत्तरी, बरगढ़, बिहरावा, वियाल, हरदौली, खंडेहा, खप्टिहा, किहुनिया मऊ आदि स्थानों पर खुले हैं।
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करीब पंद्रह दिन पहले शासन की तरफ से आदेश आया था कि खाद्य विपणन विभाग गांव-गांव जाकर गेहूं की खरीद करे। शर्त यह लगा दी गई थी कि यदि किसान 100 क्विंटल गेहूं अपने गांव में एक ही स्थान पर एकत्र कर बेचने के लिए तैयार हों तब ही कर्मचारी गेहूं खरीदने के लिए जाएंगे। अभी तक इस योजना के तहत जिले के एक भी गांव से खरीद नहीं हुई है।
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कर्वी माफी के अशोक सिंह, शरन सिंह, सिद्धपुर के कुंवर बहादुर, बनाड़ी के नृपेंद्र सिंह का कहना है कि 100 क्विंटल की बाध्यता के चलते वे गेहूं की बिक्री विपणन विभाग को नहीं कर पा रहे हैं। छोटे किसानों के पास इतना गेहूं नहीं है।
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शासन से निर्देश मिला है कि यदि गांवों में 100 क्विंटल गेहूं किसान बेचने के लिए कर लें तो मौके पर जाकर गेहूं खरीद लिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों में सूचना भी भेजी गई पर आज तक किसी गांव में 100 क्विंटल गेहूं एकत्र नहीं किया गया।
- संजय श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
4359.373 मीट्रिक टन हुई खरीद
कुल 37 केंद्रों में अभी तक 4359.373 मीट्रिक टन खरीद हुई है। कुल 1260 किसानों ने गेहूं बेचा है। जिले में 32 हजार एमटी गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है।
ये हैं मुख्य खरीद केंद्र
जिले में कुल 37 केंद्रों से गेहूं की खरीद की जा रही है। इनमें मुख्य साधन सहकारी समिति रामनगर, मानिकपुर, रूखमाखुर्द, शिवरापुर, भरतपुर, रामपुर, खोह, छीबो, चकौंध, राजापुर, भौरी, सरधुवा, शाखा गल्लामंडी, पहाड़ी बुजुर्ग, सरटह, चकौंध, पहाड़ी उत्तरी, बरगढ़, बिहरावा, वियाल, हरदौली, खंडेहा, खप्टिहा, किहुनिया मऊ आदि स्थानों पर खुले हैं।