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मठदर में कुआं सूखा, हैंडपंप बने ठूंठ
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फोटो- 7- मठदर बाबा आश्रम में सूखा पड़ा कुआं । संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। आस्था के केंद्र मठदर के भैरम बाबा मंदिर में कुएं सूख गया है तो हैंडपंप ठूंठ बन गए हैं। एक हैंडपंप चल रहा है जो थोड़ी देर बाद हांफ जाता है।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मठदर के भैरम बाबा हजारों भक्तों की आस्था के केंद्र है। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहता है। सेहरिन गांव से आगे लगभग दो किमी. जंगल क्षेत्र में मंदिर स्थित है। बारिश के दौरान मंदिर के बगल से नदी उफनाती है। गर्मियों में बूंद-बूंद पानी का संकट रहता है। यदि मंदिर के पास बरसाती नदी को गहरा करके तालाब बना दिया जाय तो यहां वर्ष पर्यंत पानी ही पानी रहेगा। साथ ही कुएं की सफाई और गहराई बढ़ाकर उसे भी पानीदार किया जा सकता है।
आस्था के केंद्र में भादो और कार्तिक महीने में मेले लगते हैं। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुडे़ इस मंदिर के विकास की ओर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया। मूलभूत सड़क और बिजली का यहां संकट है। साथ ही साथ गर्मियों में पानी का भी रोना है। बुंदेली सेना ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मठदर के विकास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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मानिकपुर एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि मठधर तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए टूटे मार्ग व पेयजल समस्या को लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। ऐसी समस्या का जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
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बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मठदर के भैरम बाबा हजारों भक्तों की आस्था के केंद्र है। यहां पूरे साल श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहता है। सेहरिन गांव से आगे लगभग दो किमी. जंगल क्षेत्र में मंदिर स्थित है। बारिश के दौरान मंदिर के बगल से नदी उफनाती है। गर्मियों में बूंद-बूंद पानी का संकट रहता है। यदि मंदिर के पास बरसाती नदी को गहरा करके तालाब बना दिया जाय तो यहां वर्ष पर्यंत पानी ही पानी रहेगा। साथ ही कुएं की सफाई और गहराई बढ़ाकर उसे भी पानीदार किया जा सकता है।
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आस्था के केंद्र में भादो और कार्तिक महीने में मेले लगते हैं। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुडे़ इस मंदिर के विकास की ओर कभी भी ध्यान नहीं दिया गया। मूलभूत सड़क और बिजली का यहां संकट है। साथ ही साथ गर्मियों में पानी का भी रोना है। बुंदेली सेना ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मठदर के विकास के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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मानिकपुर एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि मठधर तीर्थस्थल तक पहुंचने के लिए टूटे मार्ग व पेयजल समस्या को लेकर ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। ऐसी समस्या का जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।