{"_id":"69e5216b01ae38ad350b7fd0","slug":"wedding-thali-becomes-expensive-in-sahalag-price-increased-by-rs-50-100-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-129919-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: सहालग में महंगी हुई शादी की थाली, 50-100 रुपये तक बढ़े दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: सहालग में महंगी हुई शादी की थाली, 50-100 रुपये तक बढ़े दाम
Mon, 20 Apr 2026 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
19 सीकेटीपी-13-शहर में संचालित गेस्ट हाउस। संवाद
चित्रकूट। सहालग शुरू होते ही गेस्ट हाउस की कैटरिंग में महंगाई की मार साफ दिखने लगी है। शहर के अधिकांश गेस्ट हाउस में खाने की थाली 50 से 100 रुपये तक महंगी हो गई है। इससे शादी समारोह के आयोजकों का बजट बिगड़ रहा है।
गेस्ट हाउस में मिलने वाली 500 रुपये की थाली अब 600 से 700 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं 1200 रुपये वाली थाली 1300 से 1400 रुपये में मिल रही है। गेस्ट हाउस संचालकों और कैटर्स का कहना है कि रसोई गैस सिलिंडर की कमी और खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों ने लागत बढ़ा दी है।
कैटरर्स के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें घरेलू सिलिंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। यह कई बार ब्लॉक में महंगे दाम पर खरीदना पड़ता है। इसके साथ ही डीजल और लकड़ी भट्टी का भी इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग गैस सिलिंडर के साथ लकड़ी भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन वहां भी लागत बढ़ने से शादी-ब्याह का खर्च बढ़ गया है।
विज्ञापन
-- --
सब्जी-तेल के दाम भी बढ़े
गेस्ट हाउस संचालक राकेश सिंह ने बताया कि सब्जियों, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामग्री के दाम लगातार बढ़े हैं। साथ ही जनरेटर चलाने का खर्च भी बढ़ा है और सिलिंडर भी नहीं मिल रहा है। इससे थाली के रेट बढ़ाना मजबूरी हो गई है। सिलिंडर की किल्लत खत्म होते ही फिर सामान्य दामों में लोगों को थाली दी जाएगी।
-- --
कैटरिंग व्यवसायी महेश कुमार का कहना है कि पिछले तीन महीनों में लगभग सभी खाद्य सामग्री महंगी हुई है। ऐसे में थाली के दाम बढ़ाना स्वाभाविक है। इसके साथ सिलिंडर को लेकर परेशानी बनी हुई है। कई बार सिलिंडरों को ब्लॉक में अधिक दाम में खरीदना पड़ता है। इससे परेशानी और बढ़ गई है।
विज्ञापन
गेस्ट हाउस में मिलने वाली 500 रुपये की थाली अब 600 से 700 रुपये तक पहुंच गई है, वहीं 1200 रुपये वाली थाली 1300 से 1400 रुपये में मिल रही है। गेस्ट हाउस संचालकों और कैटर्स का कहना है कि रसोई गैस सिलिंडर की कमी और खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों ने लागत बढ़ा दी है।
विज्ञापन
कैटरर्स के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलिंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें घरेलू सिलिंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। यह कई बार ब्लॉक में महंगे दाम पर खरीदना पड़ता है। इसके साथ ही डीजल और लकड़ी भट्टी का भी इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी लोग गैस सिलिंडर के साथ लकड़ी भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन वहां भी लागत बढ़ने से शादी-ब्याह का खर्च बढ़ गया है।
विज्ञापन
सब्जी-तेल के दाम भी बढ़े
गेस्ट हाउस संचालक राकेश सिंह ने बताया कि सब्जियों, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामग्री के दाम लगातार बढ़े हैं। साथ ही जनरेटर चलाने का खर्च भी बढ़ा है और सिलिंडर भी नहीं मिल रहा है। इससे थाली के रेट बढ़ाना मजबूरी हो गई है। सिलिंडर की किल्लत खत्म होते ही फिर सामान्य दामों में लोगों को थाली दी जाएगी।
कैटरिंग व्यवसायी महेश कुमार का कहना है कि पिछले तीन महीनों में लगभग सभी खाद्य सामग्री महंगी हुई है। ऐसे में थाली के दाम बढ़ाना स्वाभाविक है। इसके साथ सिलिंडर को लेकर परेशानी बनी हुई है। कई बार सिलिंडरों को ब्लॉक में अधिक दाम में खरीदना पड़ता है। इससे परेशानी और बढ़ गई है।

19 सीकेटीपी-13-शहर में संचालित गेस्ट हाउस। संवाद

19 सीकेटीपी-13-शहर में संचालित गेस्ट हाउस। संवाद