फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   wedding cancil groom's brother's death

दूल्हे के भाई की मौत से शादी टली

Wed, 13 Jul 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट Updated Wed, 13 Jul 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
 wedding cancil groom's brother's death
हाथों में लगी मेंहदी दिखाती गीता देवी - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार देर शाम बारातियों से भरी बस पलटने से दूल्हे के भाई समेत दो की मौत होने के बाद शादी टाल दी गई है। बुधवार को दोनों पक्ष का पूरा परिवार पोस्टमार्टम हाउस के पास दिनभर बिलखता रहा। दूसरा मृतक बैंडबाजा कर्मी था।

विज्ञापन


बता दें कि बांदा के अरवारी मरका गांव से मंगलवार रात पहाड़ी के कपना जा रही बारातियों से भरी बस हरीसनपुर के पास अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जिसमें दो की मौत हो गई थी व एक दर्जन बाराती घायल हो गए थे। घटना की जानकारी होते ही वधू पक्ष के घर भी कोहराम मच गया।
विज्ञापन


मृतकों में दूल्हे का सगा भाई रामसरन के भी शामिल होने से शादी टाल दी गई। वर-वधू पक्ष के लोग भी रात को ही जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों में प्रभुदयाल, धर्मपाल, लक्ष्मीकांत, सरयूप्रसाद, संतोष कुमार, गुड्डू, बबलू, रामदयाल, रमेश कुमार, तीरथ प्रसाद व इमरान आदि को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसमें सभी को इलाज के बाद बुधवार को घर भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस में दोनों मृतकों के परिजन व लड़की पक्ष के लोग भी दिनभर रोते बिलखते रहे। उधर, पहाड़ी थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी ने बताया कि बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

बारातियों को लाने की थी जिम्मेदारी
चित्रकूट। मंगलवार को अरवारी के लोटन के पांच पुत्रों में पांचवें नंबर के शंकर की बारात कपना के संतोष की पुत्री गीता के घर जा रही थी। दूल्हा तो बोलेरो से पहले पहुंच गया, लेकिन बारातियों को लाने की जिम्मेदारी उसके भाई रामसरन पर थी। इस कारण वह बस से आ रहा था। बस मरका के सिकंदर की बताई गई है।

लेनदेन को लेकर हुआ था विवाद
चित्रकूट। मृतक के भाई श्रीराम ने बताया कि जब शाम को अरवारी से बारात चली, तो बस चालक व मालिक ने पहले पूरे रुपये जमा करने को कहा। रुपये न देने पर बारात न ले जाने की धमकी दी। बस में बाराती बैठे थे और एडवांस पांच हजार भी दिए थे। इसके बाद फिर पांच हजार दिए लेकिन बस मालिक तैयार नहीं हुआ। इसी को लेकर कहासुनी हुई फिर बस आगे बढ़ पाई थी।

शव से लिपटकर रोए
हादसे में दूसरा मृतक फूलचंद्र बैंडबाजा कंपनी में कर्मचारी था। बस में पूरी बैंड पार्टी बैठी थी। घटना की जानकारी होते ही, उसकी पत्नी रेशमा व इकलौता पुत्र बबलू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव से लिपटकर रोते रहे।


मायूस होकर देखती रही मेंहदी
चित्रकूट। कपना के संतोष की बड़ी पुत्री गीता के विवाह की तैयारियां एक माह से चल रही थीं। सूखे के बावजूद संतोष ने किसी तरह कर्ज लेकर बारातियों के स्वागत की तैयारियां की थीं। तीन बहन, दो भाइयों में सबसे बड़ी गीता ने भी बड़े अरमान से दोनों हाथों में मेंहदी लगवाई थी। उसे उम्मीद नहीं थी कि मेंहदी को देखने के लिए बाराती घर तक नहीं पहुंच पाएंगे। मृतक के पिता के अनुसार, शादी चार माह के लिए टाल दी गई है। गीता ने भी कहा कि उसे शादी की तिथि बढ़ाने से कोई दिक्कत नहीं है, वह पिता की मर्जी से ही शादी उसी घर में करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed