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यमुना और पयस्वनी का जलस्तर घटा, गंदगी बनी मुसीबतपानी
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Water level of Yamuna and Payaswani decreased, dirt became trouble
- फोटो : CHITRAKOOT
राजापुर (चित्रकूट)। जिले में यमुना व पयस्वनी नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। जिससे लोगों की मुसीबतें भी बढ़ती जा रहीं है। सड़कों, गलियों व घरों के अंदर जलभराव के कारण फैली गंदगी से परेशान हैं। प्रशासन भी सफाई कार्य में जुट गया है। सरधुआ-बांदा मार्ग खुल गया है। 48 घंटे के अंतर लगभग छह मीटर पानी नीचे उतरा है।
राजापुर के तिरहार क्षेत्र के समतली इलाकों में स्थितियां सामान्य होती जा रही है। एसडीएम राजीव कुमार राय ने बताया कि मलबे को हटाने के लिए सफाई-कर्मियों को लगाया गया है। अर्की मार्ग में जलभराव बना हुआ है। यमुना नदी की तलहटी पर बसे गांव बेलास, चिल्लीमल, तीरधुमाई गंगू, धौरहरा, नैनी, बिहरवां, बक्टा, गुरगौला, हस्ता, देवारी, सुरवल, भदेहदू आदि गांव से पानी तेजी से घट रहा है। लेखपालों के माध्यम से सर्वे रिपोर्ट आने के बाद शासनादेश के अनुसार अहैतुक सहायता दी जाएगी।
मऊ क्षेत्र में भी पानी उतरने से ग्रामीणों को राहत मिली है। इसके बावजूद सड़कों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। गांवों में कीचड़ व दलदल होने से निकलना मुश्किल हो रहा है। डूबी फसलों से दुर्गंध आने लगी है। मच्छरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बिजली छह दिन से कटी है। मवेशियों को न तो चारा मिल पा रहा है न इलाज की समुचित व्यवस्था मिल पा रही है।
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राजापुर के तिरहार क्षेत्र के समतली इलाकों में स्थितियां सामान्य होती जा रही है। एसडीएम राजीव कुमार राय ने बताया कि मलबे को हटाने के लिए सफाई-कर्मियों को लगाया गया है। अर्की मार्ग में जलभराव बना हुआ है। यमुना नदी की तलहटी पर बसे गांव बेलास, चिल्लीमल, तीरधुमाई गंगू, धौरहरा, नैनी, बिहरवां, बक्टा, गुरगौला, हस्ता, देवारी, सुरवल, भदेहदू आदि गांव से पानी तेजी से घट रहा है। लेखपालों के माध्यम से सर्वे रिपोर्ट आने के बाद शासनादेश के अनुसार अहैतुक सहायता दी जाएगी।
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मऊ क्षेत्र में भी पानी उतरने से ग्रामीणों को राहत मिली है। इसके बावजूद सड़कों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। गांवों में कीचड़ व दलदल होने से निकलना मुश्किल हो रहा है। डूबी फसलों से दुर्गंध आने लगी है। मच्छरों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बिजली छह दिन से कटी है। मवेशियों को न तो चारा मिल पा रहा है न इलाज की समुचित व्यवस्था मिल पा रही है।
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