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नहरों के निर्माण से मिलेगा सिंचाई को पानी
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चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र के रसिन बांध के माध्यम से भरतकूप क्षेत्र के सैकड़ों गांवों की खेतों को सिंचाई करने के लिए नहरों का निर्माण किया गया है। साथ ही रसिन बांध में बरसात के समय पानी अधिक हो जाता है। जिससे इस पानी को बरूआ बांध में सप्लाई करने की योजना भी बनाई जा रही है। ताकि शिवरामपुर क्षेत्र के किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। संभावना जताई जा रही है कि एक दिवसीय दौरे पर 7 फरवरी को कैबिनेट मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह इसका निरीक्षण करेेंगे। जिसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी तैयारी कर रहे है।
भरतकूप क्षेत्र सिंचाई के कोई साधन न होने पर रसिन बांध के निर्माण 2004 में भाजपा व बसपा सरकार के गठबंधन के समय शुरू किया गया था। जिसमें मुख्य नहर सहित चार माइनर नहर बनाई गई है। जिसकी लागत कुल 114.64 करोड़ रुपये है। नहरों के संचालन की तैयारी की जा रही है। जिससे भरतकूप क्षेत्र के सुदिनपुर, गौशाला, भाटापुर, भरभई, श्यामदार आदि गांवों नहरों के माध्यम से सिंचाई हो सकेंगी। जिसको लेकर लेकर क्षेत्र के किसान महेश सिंह, लवलेश सिंह, सच्चिदानंद गर्ग, भरत लाल, सुरेश प्रसाद आदि ने खुशी जताई है। उन्होंने आशा जताया है कि नहरे चालू होने से भरतकूप क्षेत्र के सैकड़ों गांव के खेतों की सिंचाई होगी।
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डूब क्षेत्र में रहने वालों को दूसरे स्थान पर बसाया गया
बनाये गये रसिन बांध में कई स्थान पर डूब क्षेत्र घोषित किया गया था। इसमें बसी बस्ती को दूसरे स्थान पर जमीन देकर बसाया गया था। बावजूद इसके कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनकी जमीन डूब क्षेत्र में चली गई है। इसके बाद भी उनको दूसरे स्थान पर जमीन नहीं दी गई। बरसात के समय उनके घर पानी से डूब जाते है।
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बैठक आज
चित्रकूट। कैबिनेेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह रविवार की सुबह 8 बजे भगवान कामतानाथ मंदिर में दर्शन कर परिक्रमा करेंगे। इसके बाद मुख्यालय के डाक बंगले में नमामि गंगे, सिंचाई व जल विभाग, लघु सिंचाई, भूमि विकास व बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ बैैठक करेंगे। सुबह 11 बजे बांदा के लिए रवाना होंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री चौधरी चरण सिंंह रसिन बांध में चल रही परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सकते हैं। हालांकि प्रोटोकाल के अनुसार उनका यह कार्यक्रम नहीं है लेकिन रसिन बांध में चल रही तैयारियों को देखकर यह माना जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री यहां आ सकते हैं।
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भरतकूप क्षेत्र सिंचाई के कोई साधन न होने पर रसिन बांध के निर्माण 2004 में भाजपा व बसपा सरकार के गठबंधन के समय शुरू किया गया था। जिसमें मुख्य नहर सहित चार माइनर नहर बनाई गई है। जिसकी लागत कुल 114.64 करोड़ रुपये है। नहरों के संचालन की तैयारी की जा रही है। जिससे भरतकूप क्षेत्र के सुदिनपुर, गौशाला, भाटापुर, भरभई, श्यामदार आदि गांवों नहरों के माध्यम से सिंचाई हो सकेंगी। जिसको लेकर लेकर क्षेत्र के किसान महेश सिंह, लवलेश सिंह, सच्चिदानंद गर्ग, भरत लाल, सुरेश प्रसाद आदि ने खुशी जताई है। उन्होंने आशा जताया है कि नहरे चालू होने से भरतकूप क्षेत्र के सैकड़ों गांव के खेतों की सिंचाई होगी।
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डूब क्षेत्र में रहने वालों को दूसरे स्थान पर बसाया गया
बनाये गये रसिन बांध में कई स्थान पर डूब क्षेत्र घोषित किया गया था। इसमें बसी बस्ती को दूसरे स्थान पर जमीन देकर बसाया गया था। बावजूद इसके कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनकी जमीन डूब क्षेत्र में चली गई है। इसके बाद भी उनको दूसरे स्थान पर जमीन नहीं दी गई। बरसात के समय उनके घर पानी से डूब जाते है।
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बैठक आज
चित्रकूट। कैबिनेेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह रविवार की सुबह 8 बजे भगवान कामतानाथ मंदिर में दर्शन कर परिक्रमा करेंगे। इसके बाद मुख्यालय के डाक बंगले में नमामि गंगे, सिंचाई व जल विभाग, लघु सिंचाई, भूमि विकास व बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ बैैठक करेंगे। सुबह 11 बजे बांदा के लिए रवाना होंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री चौधरी चरण सिंंह रसिन बांध में चल रही परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर सकते हैं। हालांकि प्रोटोकाल के अनुसार उनका यह कार्यक्रम नहीं है लेकिन रसिन बांध में चल रही तैयारियों को देखकर यह माना जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री यहां आ सकते हैं।