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खाली रहा जच्चा बच्चा केंद्र, भटकतीं रहीं प्रसूताएं
चित्रकूट
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:10 PM IST
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जिला अस्पताल में सूना पड़ा प्रसव कक्ष केंद्र का डाक्टर व स्टाफ काउंटर
- फोटो : amarujala
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चित्रकूट। जिला अस्पताल के जननी सुरक्षा कक्ष के हालात कई दिनों से खराब चल रहे हैं। रविवार को इस केंद्र में प्रसूताओं के साथ परिजन डॉक्टर व नर्स को खोजते रहे लेकिन खाली कुर्सी के अलावा कोई नहीं मिला। दर्द से कराहती प्रसूताएं इधर उधर भटकतीं रहीं।
जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा केंद्र में स्टाफ व डाक्टरों की मनमानी रविवार को देखने को मिली। मऊ से आई मंटू देवी ने बताया कि प्रसव दर्द के बाद सीएचसी से रेफर होकर जिला अस्पताल आई लेकिन यहां कोई इलाज करने वाला नहीं मिल रहा है।
दोेपहर को लगभग दो घंटे तक प्रसूता के साथ परिजन डॉक्टर व स्टाफ को खोजते रहे लेकिन हर बार खाली कुर्सी के अलावा कोई नहीं मिला। चकौंध की राजरानी ने बताया कि वह अपनी बहू का प्रसव कराने आई थी। रविवार को दो घंटे तक अस्पताल में डॉक्टर व नर्स का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आया। वार्ड में भर्ती अन्य प्रसूताओं ने बताया कि अक्सर ऐसा होता है। जब बहू का दर्द बढ़ा तो मजबूरी में उसे जानकीकुंड अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
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इस मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने बताया कि दोपहर दो बजे उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो केंद्र में जाकर स्टाफ से बातचीत की गई। सभी को समझाकर प्रसूताओं का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा केंद्र में स्टाफ व डाक्टरों की मनमानी रविवार को देखने को मिली। मऊ से आई मंटू देवी ने बताया कि प्रसव दर्द के बाद सीएचसी से रेफर होकर जिला अस्पताल आई लेकिन यहां कोई इलाज करने वाला नहीं मिल रहा है।
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दोेपहर को लगभग दो घंटे तक प्रसूता के साथ परिजन डॉक्टर व स्टाफ को खोजते रहे लेकिन हर बार खाली कुर्सी के अलावा कोई नहीं मिला। चकौंध की राजरानी ने बताया कि वह अपनी बहू का प्रसव कराने आई थी। रविवार को दो घंटे तक अस्पताल में डॉक्टर व नर्स का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आया। वार्ड में भर्ती अन्य प्रसूताओं ने बताया कि अक्सर ऐसा होता है। जब बहू का दर्द बढ़ा तो मजबूरी में उसे जानकीकुंड अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
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इस मामले में सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने बताया कि दोपहर दो बजे उन्हें इसकी जानकारी मिली थी तो केंद्र में जाकर स्टाफ से बातचीत की गई। सभी को समझाकर प्रसूताओं का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं।